झापीपा नेता ने की बाबा अस्पताल में नवजात की मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

डुमरी।

झापीपा के बोकारो जिलाध्यक्ष सह लोकसभा प्रभारी गिरिडीह अशोक अग्रवाल आजाद ने ईमेल के द्वारा मुख्य सचिव झारखंड सरकार,उपायुक्त गिरिडीह, एसपी गिरिडीह,सिविल सर्जन गिरिडीह,एसडीएम को पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराया है कि बीते 24 मई 2023 को बिना वैध कागजात के अस्पताल संचालन करने के आरोप में प्रशासन द्वारा सील किये गये बाबा हॉस्पिटल घुजाडीह (डुमरी) में 26 अगस्त 2024 को अवैध रूप से संचालित अस्पताल के नौसिखुए नर्स ने  लापरवाह तरीके से प्रसव कराकर एक नवजात शिशु की जान ले ली।

झापीपा नेता ने प्रेषित पत्र में लिखा है कि बाहर से सील बंद और अंदर से सील भंग बाबा अस्पताल डुमरी में शिशु की मृत्यु हो गई और पीड़ित परिजन के साथ अनैतिक समझौता करने का प्रयास किया गया तथा जिम्मेवार प्रशासनिक और चिकित्सा पदाधिकारी की विफलता के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर होनी चाहिए।

पत्र में लिखा है कि 24-5-2023 को तत्कालीन एसडीएम प्रेमलता मुर्मू और रेफरल अस्पताल के प्रभारी राजेश कुमार महतो के नेतृत्व में बाबा अस्पताल का निरीक्षण और सत्यापन किया गया तथा भारी अनियमितता एवं आवश्यक एनओसी ना रहने एवं लाइसेंस दस्तावेज के बिना संचालन के आरोप में अस्पताल सील किया गया; लेकिन सिर्फ बाहर से सील हुआ व अंदर से अस्पताल के कई कमरे खुला रहा,क्यों और कैसे इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए।लाइसेंस रद्द करने की एसडीएम की अनुशंसा पर दो माह तक सिविल सर्जन की चुप्पी की जांच होनी चाहिए।लिखा है कि अस्पताल सील होने के बाद एसडीएम द्वारा बाबा अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल व फार्मा हाउस तथा लिविंग हाउस को देखते हुए उसके मेडिकल लाइसेंस और अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा हेतु पत्र उपायुक्त गिरिडीह और सिविल सर्जन गिरिडीह को भेजा गया।

24 मई 2023 को अस्पताल सील और सप्ताह भर के अंदर लाइसेंस रद्द करने की एसडीएम डुमरी द्वारा अनुशंसा किया गया लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा 4 अगस्त 2023 को स्पष्टीकरण बाबा हॉस्पिटल के संचालक निजामुद्दीन मियां से मांगने और संतोष जनक जवाब नहीं देने के विरुद्ध शिशु के मृत्यु की एक दिन पहले 23 अगस्त 2023 को लाइसेंस रद्द किए जाने की आदेश की विस्तृत जांच होनी चाहिए। क्योंकि सील बाबा हॉस्पिटल के अंदर दो दिनों तक एक नर्स और मेडिकल दुकानदार के द्वारा डिलीवरी करने का गैरजिम्मेदराना प्रयास कर डिलीवरी कराया गया इसके बाद शिशु मृत्यु हो गई।लिखा है कि 23 अगस्त 2023 को लाइसेंस रद्द किए जाने संबंधित सिविल सर्जन का निर्गत पत्र यह स्पष्ट करता है कि दो माह से षड्यंत्र के तहत बाबा अस्पताल के संचालक को लाभ पहुंचाने और लाभ लेने का काम हुआ।झापीपा नेता ने बाबा अस्पताल को पूर्ण रूपेण सील करने एवं बोर्ड वगैरह हटाए जाने की और दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग किया है ताकि फिर कोई बेबस व लाचार व्यक्ति ठगी का शिकार ना हो।

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