डुमरी उपचुनाव: उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में हो रही है वोटों की बारिश, चार घण्टों में हुआ 27. 56% मतदान

[राजेश कुमार]

गिरिडीह। डुमरी विधानसभा उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत काफी उत्साह वर्धक है। महज चार घण्टे में यहां मतदान 27.56% हुआ है। जिसमे पहले दो घण्टे में पूर्वाह्न 9 बजे तक 11.40% प्रतिशत मतदान हुआ था। वही 11 बजे तक 27.56% प्रतिशत मतदान हुआ है। यह इस बात को इंगित करता है कि क्षेत्र के लोग मतदान करने के प्रति काफी जागरूक हो गए है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी वोटों की हो रही इस बारिश से चुनाव मैदान में खड़े सभी छह प्रत्याशियों में उत्साह का संचार भर दिया है।

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मंगलवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने हेतु व्यापक सुरक्षा के इंतजाम किए गये है। वहीं वोटिंग करने में पुरुषों के बनिस्पत महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा। “पहले मतदान- फिर जलपान” का नारा इस उपचुनाव में यहां काफी कारगर साबित होता दिख रहा है।

बता दें कि अमुमन आम चुनावों में चाहे वह लोकसभा का चुनाव हो अथवा विधानसभा का चुनाव हर चुनाव में जिले के उग्रवाद प्रभावित इलाके डुमरी और पीरटांड़ से नक्सलियों द्वारा वोट बहिष्कार का एलान किया जाता रहा है। लेकिन आसन्न विधान सभा के उपचुनाव में नक्सली संगठन द्वारा ऐसा कोई एलान नहीं किया जाना इस बात का धोतक है कि इस बार के उपचुनाव में नक्सली संगठन से जुड़े लोग भी लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी पूरी सहभागिता निभा खुद को मुख्यधारा से जोड़ लिया है। यह लोकतंत्र के लिये काफी शुभ संकेत है।

आसन्न उपचुनाव के लिये मतदान अपराह्न पांच तक जारी रहेगा। सभी 373 बूथों पर 2 लाख 98 हजार 629 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सभी 6 प्रत्याशियों आजसू की यशोदा देवी, झामुमो की बेबी देवी और एआईएमआईएम के अब्दुल मोबीन रिजवी के अलावे तीन निर्दलीय प्रत्याशी कमल प्रसाद साहू, नारायण गिरी एवं रोशनलाल तुरी के भाग्य का फैसला करेंगे। हालांकि आसन्न चुनाव INDIA गठबंधन और NDA गठबंधन के बीच हो रहा है। जिसमे INDIA गठबंधन की ओर से सूबे की मंत्री बेबी देवी चुनाव लड़ रही है। वहीं NDA गठबंधन की ओर से डुमरी की पूर्व प्रमुख सह बर्तमान पंचायत समिति सदस्य सह आजसू पार्टी की विधानसभा प्रभारी यशोदा देवी चुनाव लड़ रही है। इन दोनों गठबंधन में पलड़ा किसका भारी पड़ता है। इसका फैसला आगामी 8 सितम्बर को होने वाले मतगणना में ही पता चल सकेगा। हालांकि इस उपचुनाव में एक ओर जहां सूबे के मुख्यमंत्री के साथ सुबे के सभी मंत्रियों और घटक दलों के नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। वही दूसरी ओर सूबे के तीन तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और घटक दल आजसू पार्टी सुप्रीमो और गिरिडीह के आजसू पार्टी के सांसद की प्रतिष्ठा दांव पर है।

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