वर्ल्ड पोस्टल डे के साथ बोकारो में राष्ट्रीय डाक सप्ताह शुरू

सात दिनों तक विविध कार्यक्रमों से भारतीय डाक के गौरवशाली अतीत को करेंगे याद
बोकारो ः भारतीय डाक के गौरवशाली अतीत और बदलते समय के साथ इंडिया पोस्ट के सशक्त हुए आयामों की स्मृति में सोमवार को राष्ट्रीय डाक सप्ताह का शुभारंभ हुआ। बोकारो में डाककर्मियों ने ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित कराकर वर्ल्ड पोस्टल डे मनाया। राजकीयकृत उच्च विद्यालय लकडाखंदा एवं पेंटिकॉस्टल एसेंबली स्कूल में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रधान डाकघर में भी इस दिवस को मनाया गया। मौके पर सहायक डाक अधीक्षक, बोकारो अभिजीत रंजन, डाक निरीक्षक अमित कुमार, प्रधान डाकघर के डाकपाल सतीश कुमार, विपणन अधिकारी कौशल कुमार उपाध्याय आदि मौजूद रहे। वहीं, लकडाखंदा विधालय में प्रधानाचार्य डाक्टर उदय चंद्र झा, शिक्षक राखी वर्णवाल, खुशबू प्रसाद, अनिता कुमारी, विनय कुमार पाण्डेय, आशुतोष कुमार राय एवं पेन्टाकोस्टल स्कूल के मोहन कुमार मिश्रा ने बच्चों को पत्र लेखन प्रतियोगिता के लिए प्रेरित किया।
वरीय डाक अधीक्षक, धनबाद उत्तम कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय डाक की गौरव-गाथा को लोगों ने स्मरण किया। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत लगातार सात दिनों तक विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विपणन अधिकारी कौशल कुमार उपाध्याय के अनुसार, 09 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के बाद 10 अक्टूबर को वित्तीय सशक्तिकरण दिवस, 11 अक्टूबर फिलाटेली दिवस, 12 अक्टूबर को मेल एवं पार्सल दिवस तथा 13 अक्टूबर को अन्त्योदय दिवस मनाया जाएगा।
एसएसपी उत्तम कुमार सिंह के अनुसार, 1874 ईस्वी में स्विट्ज़रलैंड के बर्न शहर में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की स्थापना के वर्षगांठ के रूप में विश्वभर में 09 अक्टूबर को प्रतिवर्ष विश्व डाक दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन का मूल उद्देश्य देश और समाज के उभरते विकास खण्डों के बीच डाक विभाग की महती भूमिका और राष्ट्र की सामाजिक व आर्थिक विकास में डाकघरों की भूमिका के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। निश्चित तौर पर 1.57 लाख डाकघरों के माध्यम से भारतीय डाक विश्व के सबसे बड़े डाक तंत्रों में से एक है। देश के कोने-कोने में आम आदमी तक सरल और सहज पहुंच तथा बुनियादी डाक सेवाओं को किफायती दरों में त्वरित और विश्वसनीयता के साथ सभी को सुलभ कराना भारतीय डाक की विशिष्टता रही है। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तम कुमार सिंह, वरीय डाक अधीक्षक, धनबाद ने बताया कि डाक विभाग अपने सभी वर्गों के ग्राहकों की बदलती जरुरतों के मुताबिक अपनी सेवाओं का लगातार विस्तारीकरण, तकनीकी उन्नयीकरण कर रहा है, ताकि उन्हें और भी ग्राह्कोंमुखी बनाया जा सके।

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