बोकारो स्टील प्लांट को मिला प्रतिष्ठित आईसीसी पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार


– पर्यावरणैत्री उत्पादन का मानक स्थापित करने को मिली राष्ट्रीय ख्याति

बोकारो ः सेल/बोकारो स्टील प्लांट सर्वोच्च प्लैटिनम श्रेणी में प्रतिष्ठित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार के साथ नए साल की शुरुआत करने जा रहा है। आईसीसी ने वर्ष 2022 – 2023 के लिए पर्यावरण के क्षेत्र में संगठनों की उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए ‘आईसीसी पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार 2023’ के 17वें संस्करण की घोषणा की है।

ईसीएस (पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता) विभाग ने बीएसएल की ओर से बड़े व्यावसायिक संगठन (एलबीओ) श्रेणी में आवेदन दायर किया था। 13 दिसंबर 2023 को उद्योग, शिक्षा और सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञों के जूरी के प्रतिष्ठित पैनलों के सामने बीएसएल की ओर से नितेश रंजन, एजीएम (पर्यावरण) द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया था और जूरी सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का समाधान जीएम (पर्यावरण), एनपी श्रीवास्तव द्वारा किया गया था। जूरी पर्यावरण संरक्षण के लिए बोकारो स्टील प्लांट की गतिशील पहल और इस्पात उत्पादन के सस्टेनेबल तरीकों को अपनाने के प्रयासों से काफी प्रभावित हुई। बीएसएल द्वारा दायर किए गए आवेदन, विभिन्न सस्टेनेबिलिटी मापदंडों के मूल्यांकन और दी गई प्रस्तुति के आधार पर जूरी सदस्यों ने उच्चतम प्लैटिनम श्रेणी में पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सेल, बोकारो स्टील प्लांट को 17वें आईसीसी पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार के विजेता के रूप में अनुशंसित किया है। पुरस्कार समारोह 11 जनवरी 2024 को होटल ओबेरॉय ग्रैंड, कोलकाता में आयोजित किया जाएगा।

पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है जिसे संगठन पर्यावरण प्रबंधन के लिए जीतने का प्रयास करते हैं। पुरस्कार प्रक्रिया में आवेदन जमा करना, साइट पर मूल्यांकन, प्रस्तुतियाँ  और अंतिम जूरी स्कोरिंग शामिल है । मूल्यांकन ढांचा प्रत्येक उद्योग क्षेत्र के अनुरूप वैधानिक अनुपालन, नेतृत्व, शासन और प्रदर्शन जैसे पर्यावरणीय मुद्दों पर विचार करता है। इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार संगठनों को उनके पर्यावरण प्रबंधन के लिए दी जाने वाली एक प्रतिष्ठित मान्यता है। यह पुरस्कार पर्यावरण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को स्वीकार करता है।
उल्लेखनीय है कि बीएसएल के निदेशक प्रभारी अतानु भौमिक और अधिशासी निदेशक (संकार्य) बीके तिवारी के नेतृत्व में बीएसएल ने सर्कुलर इकोनॉमी,  ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन उत्कृष्टता और सस्टेनेबिलिटी को शामिल करने का अभियान चलाया है। यहां यह उल्लेख करना उचित है कि, बीएसएल ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन में 12.07% की कमी तथा स्पेसिफिक एफ़्फ़्लुएंट डिस्चार्ज में 77.3% की कमी हासिल की है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान बीएसएल में 100% ठोस अपशिष्ट उपयोग हासिल किया गया।

पर्यावरण संरक्षण हेतु बीएसएल ने शुरुआत से अभी तक 47 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। सीओपी 26 में भारत द्वारा प्रतिबद्ध 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु कूलिंग पोंड की पहचान की गई है और जीएचजी उत्सर्जन में कमी द्वारा नेट- न्यूट्रेलिटी प्राप्त करने के लिए विभिन्न संचालन उत्कृष्टता और ऊर्जा दक्षता पहल कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *