प्रभु श्रीराम ऐसे कृपालु हैं कि अधम, नीच, पापियों को भी अपना परमधाम दे देते हैं। इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना:—–
ऐसो हैं कृपालु रघुराई ।
अधमन्ह मोक्ष दिलाई ।।
ऐसो हैं कृपालु………
खर दूषण त्रिशिरा अति पापी,
प्रभु निज धाम पठाई ।
बालि बिराध कबन्ध सबै,
प्रभु कृपा परमपद पाई ।।
ऐसो हैं कृपालु………
सिय रक्षा करि गिद्ध जटायू,
रूप श्रीहरी पाई ।
प्रभु से बैर ठानि दशग्रीवा,
परम रम्य पद पाई ।।
ऐसो हैं कृपालु………
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

