– PURNENDU PUSSHPESH लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें हर व्यक्ति को अपनी बात कहने, सरकार की नीतियों का विरोध करने और…
View More लोकतंत्र में भीड़तंत्र अराजकता का पर्यायCategory: National
कांग्रेस को अब नेतृत्व परिवर्तन का साहस दिखाना चाहिए
– Purnendu Pusshpesh किसी राजनीतिक दल के लिए चुनावी हार से उबरना असंभव नहीं, लेकिन लगातार मिल रही नाकामियों के बावजूद अपनी कार्यशैली बदलने से…
View More कांग्रेस को अब नेतृत्व परिवर्तन का साहस दिखाना चाहिएहमारी सोच पर डिजिटल कंपनियों का कितना नियंत्रण?
= Purnendu Pusshpesh हम जिसे अपना विचार समझते हैं, क्या वह पूरी तरह हमारा अपना होता है? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है कि डिजिटल मंच…
View More हमारी सोच पर डिजिटल कंपनियों का कितना नियंत्रण?विरोध की राजनीति में जनता को भूल रहे राहुल
– Purnendu Pusshpesh राजनीति में सरकार का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर जनता की परेशानियों की अनदेखी करना कहां…
View More विरोध की राजनीति में जनता को भूल रहे राहुलदल-बदल: नेता का फायदा, जनता के साथ धोखा
– PURNENDU PUSSHPESH चुनाव की आहट के साथ नेताओं के पाला बदलने का खेल तेज होने लगता है। कल तक जिस पार्टी और विचारधारा के…
View More दल-बदल: नेता का फायदा, जनता के साथ धोखास्वदेशी चिप से मजबूत होगी भारत की अर्थव्यवस्था
– PURNENDU PUSSHPESH भारत की आर्थिक ताकत अब केवल कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की वृद्धि से तय नहीं होगी। आने वाले वर्षों में यह…
View More स्वदेशी चिप से मजबूत होगी भारत की अर्थव्यवस्थाबच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल: रोक नहीं, सुरक्षा जरूरी
– Purnendu Pusshpesh आज के बच्चे मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में बड़े हो रहे हैं। पढ़ाई करनी हो, किसी सवाल का जवाब खोजना हो…
View More बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल: रोक नहीं, सुरक्षा जरूरीशहीद पुलिसकर्मियों को सलाम, उनके बलिदान से सीखें जिम्मेदारी
– Purnendu Pusshpesh पुलिस संस्मरण दिवस हमें उन वर्दीधारियों की याद दिलाता है, जो देश और समाज की सुरक्षा करते हुए कभी घर वापस नहीं…
View More शहीद पुलिसकर्मियों को सलाम, उनके बलिदान से सीखें जिम्मेदारीस्वतंत्र पत्रकारिता, जवाबदेही की कसौटी
– Purnendu Pusshpesh लोकतंत्र में पत्रकारिता की ताकत उसकी आवाज की ऊंचाई से नहीं, बल्कि उसकी खबरों की विश्वसनीयता से तय होती है। सत्ता से…
View More स्वतंत्र पत्रकारिता, जवाबदेही की कसौटीराष्ट्रीय हित सर्वोपरि, भारत अपने फैसले खुद करेगा
Purnendu Pusshpesh भारत आज ऐसी स्थिति में है, जहां उसकी आर्थिक क्षमता, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय भूमिका पर दुनिया की नजर है। ऐसे समय में…
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