– पूर्णेन्दु पुष्पेश झारखंड में राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दो सीटों के लिए होने वाला यह…
View More राज्यसभा चुनाव: सीटों का मुकाबला नहीं, गठबंधन की परीक्षाCategory: EDITORIAL
विश्वास, स्रोत और सच के बीच की दूरी
पूर्णेन्दु पुष्पेश हम अक्सर यह मान लेते हैं कि जो हम मान रहे हैं, वही सही है। यह एक सामान्य मानवीय प्रवृत्ति है। “We believe…
View More विश्वास, स्रोत और सच के बीच की दूरीवर्दी है, कुर्सी नहीं: झारखंड की प्रशासनिक उलझन
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु पुष्पेश – रिक्तियां भी हैं, अफसर भी -फिर देरी क्यों? झारखंड में इन दिनों एक अजीब सी स्थिति बनी हुई है। अफसर…
View More वर्दी है, कुर्सी नहीं: झारखंड की प्रशासनिक उलझनदोबारा भरोसा या नई शुरुआत? चास की जनता के सामने विकल्प
— पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश’ चास नगर निगम चुनाव इस बार सत्ता लोलुपता की सीमाएँ पार कर रहा है। 30 से ज्यादा नए-पुराने घड़े अपनी चमक दिखाने…
View More दोबारा भरोसा या नई शुरुआत? चास की जनता के सामने विकल्पसंवरता झारखण्ड: सुरक्षा, जल और स्वास्थ्य में समन्वित विकास की नई पटकथा
– पूर्णेन्दु पुष्पेश झारखण्ड लंबे समय तक संसाधनों से समृद्ध लेकिन संरचनात्मक चुनौतियों से जूझता राज्य माना जाता रहा है। खनिज संपदा, जल संसाधन और…
View More संवरता झारखण्ड: सुरक्षा, जल और स्वास्थ्य में समन्वित विकास की नई पटकथाआत्मनिर्भरता से क्रिएटिव शक्ति तक: बजट 2026–27 का बड़ा संदेश
– पूर्णेन्दु पुष्पेश केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026–27 का बजट सिर्फ आंकड़ों और योजनाओं का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह…
View More आत्मनिर्भरता से क्रिएटिव शक्ति तक: बजट 2026–27 का बड़ा संदेश29 जनवरी : भारतीय पत्रकारिता की चेतना का दिवस
– Purnendu Pusshpesh हर वर्ष 29 जनवरी भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्मृति के रूप में उपस्थित होता है। सामान्य जन के लिए…
View More 29 जनवरी : भारतीय पत्रकारिता की चेतना का दिवसहास्य-व्यंग्य : भगवान करे मेरे ख़ानदान में पप्पू पैदा न हो!
– पूर्णेन्दु पुष्पेश भगवान करे मेरे ख़ानदान में पप्पू पैदा न हो! यह कोई व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं है, न ही किसी नवजात के भविष्य को कोसने…
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– पूर्णेन्दु पुष्पेश. किसी भी समाज, संस्था या देश को सुचारु रूप से चलाने के लिए केवल आज़ादी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उस आज़ादी…
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– पूर्णेन्दु पुष्पेश वेब न्यूज़ मीडिया आज सिर्फ़ सूचना का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह एक जीवंत डिजिटल आंदोलन बन चुका है। इस आंदोलन ने…
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