प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें भगवान राम के कुछ मुख्य मुख्य पावन चरित्रों का वर्णन किया गया है :——
सुनो जी मैं तो रघुबर के गुण गाऊँ ।
दशरथ नन्दन असुर निकन्दन,
हे मद मोह लोभ दुख भंजन,
चरनन शीश झुकाऊँ ।
सुनो जी मैं तो………..
बहु बिधि बाल चरित प्रभु किन्ही,
कौशल्या को अति सुख दिन्ही,
गाइ चरित सुख पाऊँ ।
सुनो जी मैं तो………..
तारि अहिल्या शिव धनु तोड़े,
भूपन्हि मान मर्दन करि छोड़े,
ब्याहि सिया घर आए ।
सुनो जी मैं तो……….
पिता बचन हित बन में आए,
केवँट से प्रभु चरन धुलाए,
मुनि जन अभय बनाए ।
सुनो जी मैं तो……….
कोल किरातन्हि गले लगाए,
जूठे बेर शबरी के खाए,
पावन प्रेम निभाए ।
सुनो जी मैं तो……….
बन्दर भालु से किए मिताई,
अगम अगाध समुद्र बँधाई,
अधम असुर संहारे ।
सुनो जी मैं तो……….
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

