प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :——-.
दर्शन देदो घनश्याम मुरारी ।
आयो प्रभु जी तेरे द्वार मुरारी ।।
दर्शन देदो…………….
शरण में तेरी मैं तो आया ,
चरणों में प्रभु शीश झुकाया ,
तुम हो दया के भण्डार मुरारी ।
दर्शन देदो…………….
द्वार दया का जब तू खोले ,
अंधा देखे गूँगा बोले ,
पंगु करे है गिरि पार मुरारी ।
दर्शन देदो…………….
मैं कपटी खल कामि प्रभू जी ,
कुटिल कुमारग गामि प्रभू जी ,
लाज हमारी तेरे हाथ मुरारी ।
दर्शन देदो…………….
मैं सेवक तुम स्वामि प्रभू जी ,
अपनी बिरद सम्हारो प्रभू जी ,
कर दो हमारी बेड़ा पार मुरारी ।
दर्शन देदो…………….
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

