बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय पुष्पा महतो के अपहरण व हत्या मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पूरे थाना के पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच में लापरवाही, गोपनीयता भंग करने और आरोपी को लाभ पहुंचाने के आरोपों के बाद की गई है।
मामले की शुरुआत 24 जुलाई 2025 को हुई, जब रेखा देवी ने अपनी पुत्री पुष्पा महतो के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 4 अगस्त 2025 को पिंड्राजोरा थाना कांड संख्या 147/25 के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान गठित एसआईटी टीम के कार्यों पर सवाल उठे और पाया गया कि जांच में निर्देशों का सही अनुपालन नहीं किया गया तथा अभियोजन पक्ष को कमजोर करने की कोशिश की गई।
इसके बाद नगर पुलिस उपाधीक्षक आलोक रंजन के नेतृत्व में नई टीम का गठन किया गया, जिसने मात्र एक दिन में मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर मृतका के कंकाल के अवशेष, पहने हुए कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि थाना स्तर पर गोपनीयता नहीं बरती गई और आरोपी को बचाने के लिए कथित रूप से लेन-देन और अन्य अनुचित गतिविधियां हुईं, जिससे पुलिस की छवि धूमिल हुई। इसके आधार पर पिंड्राजोरा थाना के सहायक अवर निरीक्षक, सिपाही, हवलदार से लेकर थाना प्रभारी तक सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर सामान्य जीवन यापन भत्ता पर भेज दिया गया है।

