साहिबगंज से संथाल प्रमुख दीपक केसरी की रिपोर्ट

राजमहल थाना क्षेत्र के बेंगड़ूब्बी गांव में गंगा नदी किनारे रात के अंधेरे में (रात्रि 10.30 से सुबह 6 बजे तक) खुलेआम अवैध मिट्टी (गंगा बालू) की कटाई और ढुलाई का सिलसिला जारी है। जहां इस खबर को बीते दिनों 16 मई और फिर 18 मई को राष्ट्रीय मुख्यधारा हिंदी दैनिक समाचार पत्र ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था जहां खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन रेस हुई और अवैध मिट्टी बालू के ढुलाई करने वाले वाहनों को जब्त करने के बाद उसे थाना के सुपुर्द कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार रोजाना जेसीबी मशीनों और सैकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी निकालकर इसे स्थानीय ईंट भट्ठों को बेचा जा रहा है जहां यह घोर अवैध कारोबार पुलिस थाना, अंचल, प्रखंड और अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय से महज आधा से एक किलोमीटर की दूरी पर धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मौन और निष्क्रिय बनी हुई है।

झारखंड के नियमों का उल्लंघन
वही झारखंड सैंड माइनिंग रूल्स 2025 (जो 2025 में अधिसूचित हुए) के अनुसार, गंगा जैसी नदियों से बालू मिट्टी खनन बिना वैध मिनरल कन्सेशन (लाइसेंस) के सख्ती से प्रतिबंधित है। जहां नदियों को श्रेणियों में बांटा गया है और व्यावसायिक खनन केवल ई नीलामी के माध्यम से अनुमत है। वही अवैध खनन, परिवहन या भंडारण पर झारखंड मिनरल्स (प्रिवेंशन ऑफ इललीगल माइनिंग) रूल्स 2017 के तहत कड़ी सजा और जुर्माना का प्रावधान है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण नियमों, एनजीटी दिशानिर्देशों और सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइंस के तहत नदी किनारे अंधाधुंध कटाई बाढ़, कटाव और पर्यावरणीय क्षति का कारण बनती है। उधर स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहले मजदूरों द्वारा मिट्टी की कटाई होती थी लेकिन अब जेसीबी मशीन से बड़े पैमाने पर हो रही है। वही ट्रैक्टर रात 10 बजे के बाद मुख्य सड़कों से गुजरते हैं, जिससे राहगीरों की जान को खतरा है और ओवरटेकिंग की होड़ मचती है।सूत्रों का माने तो गांववासियों के द्वारा ट्रैक्टर रोकने पर को रोकने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है और मारपीट के मामले भी सामने आए हैं। विधायक की पहल पर गंगा कटाव रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, वहीं माफिया रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टरों से मिट्टी निकाल रहे हैं।

प्रशासन के लिए कड़ी चेतावनी:
यह प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की चरम सीमा है। राजमहल थाना 24 घंटे पेट्रोलिंग का दावा करता है, लाइव वीडियो जिले के ग्रुपों में वायरल होते हैं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है, सभी अधिकारी एवं पदाधिकारी गण आंखें मूंदे बैठे हैं। क्या मिट्टी माफियाओं के साथ उनकी मिलीभगत है? बेंगड़ूब्बी के लोगों की अपील है कि माननीय विधायक और उपायुक्त तुरंत हस्तक्षेप करें, वरना पिछले साल की तरह बाढ़ में गांव, स्कूल-मदरसे और घर बर्बाद हो जाएंगे।आश्चर्य तब होती है जब ऐसे ट्रैक्टर का चालक की उम्र महज 14-15 साल का मात्र हो।
जिला प्रशासन और पुलिस को तत्काल अवैध जेसीबी-ट्रैक्टर जब्त करने, माफियाओं के खिलाफ सख्त एक्शन लेने,प्रभावित गांववासियों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग है। समय रहते कार्रवाई न हुई तो बेंगड़ूब्बी गांव कागजों पर ही सिमट जाएगा। प्रशासन जागे, जनता की आवाज सुने और कानून का राज कायम करे!

