हे राम राघव दीनबंधू, दया के भंडार हो……-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रभु श्रीराम से मेरी विनती जिसे मैने छन्द में लिखी है:—– हे राम राघव दीनबंधू, दया के भंडार हो । हे कृपालू हे दयालू, करुणासिन्धु…

View More हे राम राघव दीनबंधू, दया के भंडार हो……-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

राष्ट्रीय प्रेस दिवस: स्वतंत्र पत्रकारिता और उभरते पत्रकारों की चुनौतियां

सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’।   हर साल 16 नवंबर को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय प्रेस दिवस न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता और उसके महत्व को…

View More राष्ट्रीय प्रेस दिवस: स्वतंत्र पत्रकारिता और उभरते पत्रकारों की चुनौतियां

हमार प्रभू जी सुधिया काहे ना लिहनी…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

हे प्रभु आपने गणिका, गिद्ध, अजामिल, सदन कसाई आदि सभी पापियों की सुध ली उन्हें तारा, आपने शबरी, अहिल्या का भी उद्धार किया पर हे…

View More हमार प्रभू जी सुधिया काहे ना लिहनी…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

सोजा रघुबर प्यारे सोजा…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

माता कौशल्या बालक राम को लोरी गा गा कर सुला रहीं हैं। कहतीं हैं कि हे रघुबीर सूर्य अस्त हो गए, रात्रि हो गई, अंधेरा…

View More सोजा रघुबर प्यारे सोजा…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

झारखंड स्थापना दिवस: संघर्ष से विकास तक की कहानी

सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’।   झारखंड राज्य का गठन 15 नवंबर 2000 को हुआ, जो अब तक के भारत के इतिहास में अपनी तरह का…

View More झारखंड स्थापना दिवस: संघर्ष से विकास तक की कहानी

क्यूँ न आए प्रभू मैं बुलाता रहा….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना जिसमें एक भक्त की आर्त पुकार को दर्शाया गया है :—– क्यूँ न आए प्रभू…

View More क्यूँ न आए प्रभू मैं बुलाता रहा….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

दुलहा साँवली सुरतीया सुहावन लागै हो …..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रभु श्रीराम विवाह मंडप में हैं और सखियाँ उनकी शोभा का वर्णन कर रही हैं। कहतीं हैं कि हे साँवरे! तुम्हारी सुहावनी साँवली सूरत और…

View More दुलहा साँवली सुरतीया सुहावन लागै हो …..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

विधानसभा चुनाव 2024: कौन से मुद्दे असल हैं और कौन से काल्पनिक?

सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’।   जब हम मानव जीवन के आवश्यक तत्वों और समस्याओं की बात करते हैं, तो दो प्रकार की समस्याएँ सामने आती…

View More विधानसभा चुनाव 2024: कौन से मुद्दे असल हैं और कौन से काल्पनिक?

अँगना में तुलसी लगैबो…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है तुलसी विवाह पर मेरी ये रचना:—- अँगना में तुलसी लगैबो, हरि जी को बुलैबो । कार्तिक मास शुकल पख पावन, एकादश तिथि अति…

View More अँगना में तुलसी लगैबो…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

चुनाव प्रचार छोड़ गर्भवती महिला की मदद के लिए अस्पताल पहुंचे राजा पीटर के कार्यकर्ता

तमाड़ : तमाड़ विधानसभा में चुनाव प्रचार के दौरान एक घटना ने मानवता और सेवा का एक अनोखा उदाहरण पेश किया। पूर्व मंत्री राजा पीटर के…

View More चुनाव प्रचार छोड़ गर्भवती महिला की मदद के लिए अस्पताल पहुंचे राजा पीटर के कार्यकर्ता