संगठन की साख बचाने को पार्टी की बड़ी कार्रवाई, सुरेन्द्र नए जिलाध्यक्ष
– दीपक झा
बोकारो : भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो संगठन को लेकर पिछले कई महीनों से चल रही अटकलों और खींचतान पर आखिरकार पूर्णविराम लगा दिया है। पार्टी नेतृत्व ने गोमिया के कद्दावर नेता और जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राज को बोकारो जिला भाजपा का नया सिरमौर नियुक्त किया है। इस घोषणा के साथ ही जिले में उस असमंजस का भी अंत हो गया है, जो दिसंबर 2025 में राज्य के अन्य जिलों की घोषणा के समय से बना हुआ था।
राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि संगठन के भीतर एक बड़े ‘शुद्धिकरण’ के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, निवर्तमान जिलाध्यक्ष जयदेव राय का कार्यकाल भाजपा के लिए चुनावी मोर्चों पर किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। विश्लेषण बताते हैं कि जिस दौर में जयदेव के हाथों में कमान थी, उस दौरान पार्टी को केवल पराजय का ही स्वाद चखना पड़ा। चाहे वह विधानसभा चुनाव में बोकारो और चंदनकियारी जैसी पारंपरिक सीटों पर मिली करारी शिकस्त हो, या फिर हालिया नगर निकाय चुनाव में चास नगर निगम और फुसरो नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का सूपड़ा साफ होना- हर मोड़ पर संगठन की साख कमजोर होती गई। कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि जय के नेतृत्व में पार्टी की जीत का रथ न केवल थमा, बल्कि अपनी ही जमीन खोता चला गया। लिहाजा, पार्टी के शीर्ष नेताओं को लगातार पराजय के कारण जय के इस दौर का अंत करने को विवश होना पड़ा।
अब संगठन की इसी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस दिलाने की जिम्मेदारी सुरेंद्र राज के कंधों पर है। सुरेंद्र राज को भाजपा के दिग्गज नेता बाबूलाल मरांडी का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। जानकारों का कहना है कि पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष बनाकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब संगठन में प्रयोग के बजाय परिणाम को प्राथमिकता दी जाएगी। एक अनुभवी जमीनी नेता के रूप में सुरेंद्र राज के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरे हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और आगामी चुनौतियों के लिए संगठन को फिर से धार देना है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जयदेव के दौर की विफलताओं को पीछे छोड़ सुरेंद्र राज किस प्रकार जिले की राजनीति में भाजपा का राज पुनः स्थापित करते हैं। फिलहाल इस तख्ता पलट को लेकर भाजपा में अंदरुनी चर्चा और समीक्षा का बाजार गर्म देखा जा रहा है। सुरेन्द्र को बधाई देने वालों का भी तांता लगा है।

