जड़ों से जुड़ती नई पीढ़ी ही भारत का भविष्य

– पूर्णेन्दु पुष्पेश  भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि हमारे पास कितनी तकनीक है या हमारी…

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नए केंद्रीय अध्यक्ष और झारखण्ड की राजनीति में पुनर्संतुलन की चुनौती

– पूर्णेन्दु पुष्पेश    अपनी कर्मठता और सुविवेक के लिए जाने जाने वाले नितिन नबीन के भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद झारखण्ड में…

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नामों से आगे बढ़कर व्यवस्था में राष्ट्रचेतना का संचार आवश्यक

– पूर्णेन्दु पुष्पेश रायसीना की पहाड़ियों पर चल रहा परिवर्तन किसी इमारत पर नया बोर्ड लगाने की औपचारिकता नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासनिक चेतना के पुनर्जागरण…

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आज़ादी की हद या हद से ज़्यादा आज़ादी?

– Purnendu pusspesh    आजकल दुनिया बदल चुकी है। पहले लोग सुबह उठकर अखबार की सुर्खियाँ पढ़ते थे, आज जागते ही मोबाइल उठाते हैं और…

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क्या ममता बनर्जी का राजनीतिक अंत शुरू हो चुका है?

– पूर्णेन्दु पुष्पेश पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर एक निर्णायक मोड़ पर है। यह वही राज्य है जिसने कभी वाम दलों को लगातार 34 वर्षों…

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असफलता पराजय नहीं है -यह समझना आवश्यक है

– पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश’ आज पचपन वर्ष की उम्र पार करने के बाद यह बात जितनी स्पष्ट और गहरी समझ में आती है, काश उतनी ही…

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यह समय राष्ट्रवाद-जाप का नहीं -मुखर राष्ट्रवाद का है

Not a Time to Whisper Patriotism; But to Declare Vocal Nationalism – Purnendu Pusspesh (Editor)   राष्ट्र चिंतन से राष्ट्र निर्माण तक -यह केवल एक…

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बीबीडी बैग प्रोफेशनल एसोसिएशन ने नए पदाधिकारियों का किया ऐलान, सीए संजीब सांघी बने अध्यक्ष

कोलकाता : कोलकाता के वित्त और कानूनी पेशेवरों के अग्रणी निकाय बीबीडी बैग प्रोफेशनल एसोसिएशन की चौथी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 21 सितंबर 2025 को…

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राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल: युवाओं को भटकाने की कोशिश या लोकतंत्र की चुनौती?

– पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘    भारतीय राजनीति में विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और वैचारिक टकराव कोई नई बात नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह सब सामान्य…

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क्यों अमेरिका भारत से भयभीत है?

– पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश ‘ विश्व राजनीति के इतिहास में अमेरिका लंबे समय तक एकमात्र शक्ति केंद्र माना जाता रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद…

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