छठ गीत मेरी कलम से। सभी व्रतियों को छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ !
दर्शन दिहीं ना छठिय मैया,
सेवका खड़ा है तोहरे द्वार ।
जोड़े रे कलसुपवा जोड़े रे नरियरवा,
जोड़े जोड़े निमुआँ अनार छठिय मैया,
सेवका खड़ा है तोहरे द्वार ।
दर्शन दिहीं ना छठिय मैया……
सेव नसपाती से भरल कलसुपवा,
केलवा के घवध हजार छठिय मैया,
सेवका खड़ा है तोहरे द्वार ।
दर्शन दिहीं ना छठिय मैया……
ठेकुआ महा परसाद कचवनियाँ,
घिउआ दियनवाँ बार छठिय मैया,
सेवका खड़ा है तोहरे द्वार ।
दर्शन दिहीं ना छठिय मैया……
अगर कपूर के बाती जलवनी,
आरति कंचन थार छठिय मैया,
सेवका खड़ा है तोहरे द्वार ।
दर्शन दिहीं ना छठिय मैया……
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

