प्रभु श्रीराम का भजन अपार संसार सागर से पार उतारने वाला है अतः रे मन तू प्रभु का भजन कर। प्रस्तुत है मेरी रचना राम भजन:——-
भजन करो राम का रे मन दिवाना ।
तारनहार वो ही हैं उन्हें ना भुलाना ।।
भजन करो राम का………
राम हीं के हाथ में है जीवन की नैया,
खेवनहार वो ही हैं रे मन सुजाना ।
भजन करो राम का………
जीवन का एक लक्ष्य राम नाम जपना,
जपन करो बार बार रे मन सयाना ।
भजन करो राम का………
राम नाम की लूट मची है,
लुटन करो राम नाम का ये खजाना ।
भजन करो राम का……….
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

