भवसागर पार लगाने वाले , हे रघुनन्दन तुम्हें प्रणाम । राज्य त्यागि बन आने वाले , मुनिजन अभय बनाने वाले , केवट से चरन धुलाने वाले , हे रघुनन्दन तुम्हें प्रणाम । भवसागर पार लगाने वाले……. दीनों पर दया दिखाने वाले , अधमों को गले लगाने वाले , जूठे बेरों को खाने वाले , हे रघुनन्दन तुम्हें प्रणाम । भवसागर पार लगाने वाले……. सागर पर सेतु बँधाने वाले , दानव दल को दहलाने वाले , असुरन्ह निज धाम पठाने वाले , हे रघुनन्दन तुम्हें प्रणाम । भवसागर पार लगाने वाले…..