प्रभु श्रीराम वनवास की अवधि पूर्ण कर अयोध्या लोट आए हैं। तुरंत उनका राज्याभिषेक हुआ। अयोध्या में उत्सव मनाया जा रहा है। अवधवासियों के आनन्द की सीमा नहीं है। इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना:—–
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राम अवध में आए सुनो मोरे भैया ।
घर घर अवध में आज बाजे बधैया ।।
घर घर मंगल साज सजाए,
ध्वज तोरण पताक फहराए,
अन धन वस्त्र लुटावे है मैया ।
घर घर अवध में आज बाजे बधैया ।।
राम अवध में आए सुनो मोरे भैया……
रुचिर सिंहासन राम विराजत,
सीता वाम रुचिर छवि राजत,
चवँर डुलावैं प्यारे तीनहुँ भैया ।
घर घर अवध में आज बाजे बधैया ।।
राम अवध में आए सुनो मोरे भैया……
हनुमत रघुबर चरन पखारैं,
सुर नर मुनिजन आरती उतारैं,
पुनि पुनि मैया सब लेत बलैया ।
घर घर अवध में आज बाजे बधैया ।।
राम अवध में आए सुनो मोरे भैया……
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