प्रस्तुत है मेरी ये रचना राधा कृष्ण की होली :——-
बेदर्दी ना माने रे ,
मोहे बरबस रंग लगाए ।
भींगत मोरी चुनरी चोली ,
अँगिया रंग डुबाए ।
बेदर्दी ना माने रे………
भरि भरि मारत रंग पिचकारी ,
गाल गुलाल लगाए ।
बेदर्दी ना माने रे………
राधा मोहन की यह होली ,
ब्रह्मेश्वर मुख गाए ।
बेदर्दी ना माने रे………
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

