DHARM देखो ऋतु बसन्त आया है…- ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र admin March 16, 2025 ऋतु बसन्त—— देखो ऋतु बसन्त आया है, कैसा मधुमय साज सजाए । सरसों ओढ़ी पीलि चुनरिया, लहर लहर लहराए । कोयल गावै राग बसन्ती, भँवरों की गुंजन मन भाए । कुसुमित हर डाली डाली, पक्षी कलरव गान सुनाए । अम्बुआ चादर ओढ़ मंजरी, मधुर मधुर मुस्काए । पछुआ पवन झकोरे मारे, फगुनाहट की अगम जनाए । देखो ऋतु बसन्त आया है, कैसा मधुमय साज सजाए । रचनाकार : ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र