आज बिरज लाले लाल भयो रसिया….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है मेरी रचना ब्रज की होली :——-

आज बिरज लाले लाल भयो रसिया ।
खेलत फाग बिरज नर नारी,
उड़त अबीर गुलाल मोरे रसिया ।
आज बिरज लाले लाल………
लाल रंग में रंगे गिरधारी,
श्याम रंग ब्रज छोरी रे रसिया ।
आज बिरज लाले लाल………
बाजत ढोल मृदंग पखावज,
बाजत झाँझर झाल मोरे रसिया ।
आज बिरज लाले लाल………
होली की हुड़दंग मची है,
नाचत देइ देइ ताल मोरे रसिया ।
आज बिरज लाले लाल………………

रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र