राम और श्याम दोनों एक दूसरे के पर्याय हैं। दोनों नाम पावन हैं। राम राम बोलिये या श्याम श्याम बोलिये दोनों भवसागर पार उतार देने वाले हैं। इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना :—
बोलो राम राम राम ,
बोलो श्याम श्याम श्याम ।
एक सरयू तट खेलन जाए ,
एक जमुना तट बंशी बजाए ,
दोनों जगत में हैं पावन ये नाम ।
बोलो राम राम राम………..
एक बेर शबरी के खाए ,
एक गोपिन्ह के माखन चुराए ,
दोनों जगत में हैं पावन ये नाम ।
बोलो राम राम राम………..
एक मुनिन्ह को अभय बनाए ,
एक गोपिन्ह संग रास रचाए ,
दोनों जगत में हैं पावन ये नाम ।
बोलो राम राम राम…………
एक कुटुम संग रावन तारे ,
एक कंस पापी संहारे ,
दोनों जगत में हैं पावन ये नाम ।
बोलो राम राम राम………..
दोनों भवसागर पार उतारे ,
दोनों भवबन्ध छुड़ावे ,
दोनों जगत में हैं पावन ये नाम ।
बोलो राम राम राम………..
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

