लज्जा हीं श्रृंगार नारि का….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

लज्जा हीं श्रृंगार नारि का– कर सोलह श्रृंगार सजनियाँ, चली पिया के पास । पायल बाज रही है छम छम, हियरा अती हुलास ।। खाट…

View More लज्जा हीं श्रृंगार नारि का….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

भक्ति की जोति सदा तु जलाओ …-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

भक्ति की जोति सदा तु जलाओ . (सवैया) — जो तोहे प्रीत लगी हरि चरनन, भक्ति की जोति सदा तु जलाओ। हैं प्रभु दीनदयालु कृपालु,…

View More भक्ति की जोति सदा तु जलाओ …-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

तेरी राह देखूँगा प्रिये…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

तेरी राह देखूँगा प्रिये—- राह में पलकें बिछाए , चाहने वाला खड़ा है । तुम न आए अब भी , मेरी क्या खता है ?…

View More तेरी राह देखूँगा प्रिये…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

संस्कार डूब रहा….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

संस्कार डूब रहा—- जिन्दगी की रेश में , संस्कार डूब रहा । माता पिता बच्चों का , प्यार डूब रहा । माता पिता रहते हैं…

View More संस्कार डूब रहा….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

WJAI की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बड़ा फैसला: बिहार कमिटी भंग, स्वतंत्र पत्रकारिता को मिली नई दिशा

पटना, 24 मई 2025: राजधानी पटना के होटल अंब्रेला में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) की विस्तारित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया…

View More WJAI की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बड़ा फैसला: बिहार कमिटी भंग, स्वतंत्र पत्रकारिता को मिली नई दिशा

बढ़ते चलो बढ़ते चलो…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

बढ़ते चलो बढ़ते चलो—– जब तक रहे ये जिन्दगी , बढ़ते चलो बढ़ते चलो । नदियों कि धारा ज्यों चले , पर्वत का सीना चीर…

View More बढ़ते चलो बढ़ते चलो…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

राम हमारे कभी न रूठें….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

राम हमारे कभी न रूठें—– सारी दुनिया रूठ जाय , इसकी चिन्ता नहीं है मुझको । बस राम हमारे कभी न रूठें , यही हमारी…

View More राम हमारे कभी न रूठें….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

भ्रष्टाचार की हाँडी और नौकरशाही का काला चावल

सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ झारखंड की धरती एक बार फिर उसी दाग़ से सनी है, जो बरसों से इसकी छवि को मलिन करता रहा…

View More भ्रष्टाचार की हाँडी और नौकरशाही का काला चावल

मोरे सजना करे है किसानी…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

एक किसान की पत्नी अपनी सखी से कह रही है कि मेरे पति किसानी करते हैं और ऐसा कह कर उसे अपने पति पर गर्व…

View More मोरे सजना करे है किसानी…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र