कृष्ण सुदामा मित्रता…….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

कृष्ण सुदामा मित्रता, जगत सराहन जाय । ऐसी मैत्री अन्य कोई, अब तक नहीं निभाय ।। एक गरीबी में जिया, एक द्वारकाधीश । कैसी अद्भुत…

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भैया नर तन सों दूसर न तन मिलिहैं….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

मनुष्य के शरीर के समान दूसरा कोई शरीर नहीं है। इसे पाने के लिए देवता लोग भी याचना करते हैं पर मिल नहीं पाता है।…

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शिक्षक दिवस और मैं ——डॉ प्रशान्त करण

हमारे आर्यावर्त की सनातन संस्कृति इतनी अद्भुत रही कि गुरुकुल परम्परा तक छात्र हर दिवस को शिक्षक दिवस मानते रहे. पूरी श्रद्धा से शिक्षकों को…

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राष्ट्रवाद और भारतीय मीडिया की जिम्मेदारी

सम्पादकीय : पूर्णेन्दु पुष्पेश।  राष्ट्रवाद का भारतीय संदर्भ एक ऐसा विषय है, जो देश की सांस्कृतिक, सामाजिक, और राजनीतिक धारा के मूल में समाहित है।…

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लखन भए राम चरन अनुरागी ….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

जब प्रभु श्री राम बन को चलने लगे तो लक्ष्मण जी भी जाने को तैयार हो गए और सब कुछ त्याग कर श्री राम जी…

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डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए इ-जीरो परीक्षा पात्रता में बदलाव की मांग

बोकारो: बोकारो इस्पात डिप्लोमाधारी कामगार यूनियन (बीडू) ने बीएसएल-सेल में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है।…

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बोकारो स्टील प्लांट में भीषण हादसा, ऑयल ड्रम में आग से चार मजदूर झुलसे

बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चार मजदूर आग की चपेट में आ गए। यह हादसा तब हुआ…

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सम्हालो साँवरे मुझ को……… – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :— सम्हालो साँवरे मुझ को, अधम तेरी शरण आया है । तुम्हारा बिरद रह जाए,…

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दशरथ कौशल्या के प्रेम के वश…….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

बालक राम अपने बाल चरित्र के द्वारा कैसे सबके मन को हर लेते हैं इसी प्रसंग पर सवैया में प्रस्तुत है मेरी ये रचना:— दशरथ…

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