भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक राखी के शुभ अवसर पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें एक बहन अपने भाई से देखिये क्या…
View More रखियो राखी की लाज………….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रAuthor: admin
करिल प्रभु के चरनियाँ में…….….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है मेरी रचना भोजपुरी में लिखा भजन जिसमें जिन्दगी की सच्चाई वर्णित है । मनुष्य का जन्म सत्कर्म करने के लिये मिलता है परंतु…
View More करिल प्रभु के चरनियाँ में…….….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रसनातन धर्म: prescriptions या restrictions?
PURNENDU PUSHPESH सनातन धर्म, जिसे हिंदू धर्म के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति और धार्मिकता की जड़ों में गहराई से व्याप्त है।…
View More सनातन धर्म: prescriptions या restrictions?हे राम राघव दीनबंधू……….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम से मेरी विनती जिसे मैने छन्द में लिखी है :— हे राम राघव दीनबंधू, दया के भंडार हो । हे कृपालू हे दयालू,…
View More हे राम राघव दीनबंधू……….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रहर तरफ प्रभु यही अफसाने हैं……….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है मेरी ये रचना शरणागत भजन के रूप में जिसमें मैने प्रभु से विनती की है कि आपने किसी न किसी बहाने से केंवट,…
View More हर तरफ प्रभु यही अफसाने हैं……….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रभारत में विपक्ष की राजनीति: चुनौतियाँ, अवसर और जिम्मेदारियाँ
RAJESH MOHAN SAHAY भारत, एक विविध और बहुसंख्यक लोकतंत्र, अपनी राजनीतिक प्रणाली के अनूठे ढांचे के लिए जाना जाता है। यहाँ की राजनीतिक स्थिरता और…
View More भारत में विपक्ष की राजनीति: चुनौतियाँ, अवसर और जिम्मेदारियाँभारत के लिए नई ऊंचाइयों का लक्ष्य: स्वतंत्रता दिवस 2024 की प्रासंगिकता
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु पुष्पेश। 15 अगस्त 2024, स्वतंत्र भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस, हमें न केवल हमारे महान देश की स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता…
View More भारत के लिए नई ऊंचाइयों का लक्ष्य: स्वतंत्रता दिवस 2024 की प्रासंगिकताजय जय जय माँ लक्ष्मी भवानी……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है मेरी रचना माता लक्ष्मी की वन्दना :—– जय जय जय माँ लक्ष्मी भवानी । विष्णु प्रिया तुम जगत की माता , तुम हो…
View More जय जय जय माँ लक्ष्मी भवानी……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रप्रभु के नाम नाहीं आवै हो, चलन बेरीया……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
मनुष्य काम क्रोध मद लोभ मोह ममता में प्रभु को भूल जाता है यही कारण है कि जब अंत समय आता है तो उसके मुख…
View More प्रभु के नाम नाहीं आवै हो, चलन बेरीया……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रविधि हरि हर को प्रणाम हमारा……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है ब्रह्मा विष्णु महेश की एक साथ वन्दना मेरी इस रचना के माध्यम से :—– विधि हरि हर को प्रणाम हमारा । ब्रह्मा करहीं…
View More विधि हरि हर को प्रणाम हमारा……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
