Bokaro : आज भोरे-भोर बोकारो में एक शख्स को गोलियों से भून डाला गया। खबर है कि पांच अपराधियों ने शंकर रवानी नाम के शख्स…
View More बोकारो में शंकर रवानी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई, मौतAuthor: admin
जगत में नहीं अमर कोइ प्रानी……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
संसार में कोई अमर होकर नहीं आया है। जो भी इस पृथ्वी पर आया है उसका एक दिन जाना निश्चित है। मनुष्य जोड़ तोड़ कर…
View More जगत में नहीं अमर कोइ प्रानी……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रआज से चातुर्मास शुरू हो रहा है
आज से चातुर्मास शुरू हो रहा है. हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है, जो कि…
View More आज से चातुर्मास शुरू हो रहा हैविद्यालय में छात्रा रोशनी कुमारी के नामांकन पर विवाद
चंद्रपुरा के दुग्दा पंचायत स्थित सरकारी स्कूल, दुग्दा कोल वाशरी में रोशनी कुमारी नाम की एक छात्रा के नामांकन को लेकर विवाद सामने आया है।…
View More विद्यालय में छात्रा रोशनी कुमारी के नामांकन पर विवादनकारात्मकता के दलदल में फंसी राजनीति: एक संपादकीय दृष्टिकोण
PURNENDU PUSHPESH, Chief Editor आज के राजनीतिक वातावरण का अध्ययन करने पर स्पष्ट होता है कि सभी राजनीतिक दलों के अपने-अपने एजेंडे हैं। हर दल…
View More नकारात्मकता के दलदल में फंसी राजनीति: एक संपादकीय दृष्टिकोणचुनरी का रंग पाका, हमार प्रभु…… ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
इस मानव शरीर को चुनरी की संज्ञा दी गई है। यह चुनरी जब इस संसार में आती है तो बिल्कुल स्वच्छ और निर्मल रहती है…
View More चुनरी का रंग पाका, हमार प्रभु…… ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रराजनीति की नकारात्मकता और संविधान: एक संपादकीय विश्लेषण
PURNENDU PUSHPESH, Chief Editor लोकसभा चुनावों के दौरान, कांग्रेस के नेतृत्व में इंडी गठबंधन ने व्यापक स्तर पर एक झूठा नैरेटिव चलाया कि यदि नरेंद्र…
View More राजनीति की नकारात्मकता और संविधान: एक संपादकीय विश्लेषणप्रभु जी कि माया के वश …… ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु की माया के वश होकर मनुष्य प्रभु को भूल जाता है और जब अन्त समय आता है तो भरपेट पछताता है पर ज्योंहीं वह…
View More प्रभु जी कि माया के वश …… ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रबच्चों के भविष्य का निर्माण: एक संपादकीय दृष्टिकोण
PURNENDU PUSHPESH, Chief Editor बच्चे एक तरह से पौधों की तरह होते हैं, और माता-पिता माली की तरह। जिस तरह से उनकी देखभाल की जाएगी,…
View More बच्चों के भविष्य का निर्माण: एक संपादकीय दृष्टिकोणभए असमर्थ जगत के स्वामी……. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
आज मैं प्रभु श्रीराम की असमर्थता (लीला की दृष्टि से) पर अपनी रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। प्रभु श्रीराम तो सर्वसमर्थ हैं, उनमें भला असमर्थता…
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