प्रस्तुत है मेरी ये रचना कृष्ण भजन के रूप में :—– भजो रे मन नन्द नन्दन घनश्याम । जमुना के तट बंशी बजायो , गोपिन्ह…
View More भजो रे मन नन्द नन्दन घनश्याम…..ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रCategory: DHARM
प्रकृति ने तुझको आज पुकारा है…..ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें मैने भगवान कृष्ण से पर्यावरण की सुरक्षा के लिए विनती की है :— हे कृष्ण कहाँ हो छुपे ,…
View More प्रकृति ने तुझको आज पुकारा है…..ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रहे कृष्ण कहाँ हो छुपे…… ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
आज समाज ऐसा दूषित हो गया है कि कौन सज्जन है और कौन दानव पहचान करना मुश्किल हो गया है।पग पग पर यहाँ दुर्योधन और…
View More हे कृष्ण कहाँ हो छुपे…… ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रहे कृष्ण पुकार रही जननी…. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें माता देवकी के उद्धार की कामना भगवान कृष्ण से की गई है :—— हे कृष्ण पुकार रही जननी, जननी…
View More हे कृष्ण पुकार रही जननी…. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रहे ब्रजनन्दन तुम्हें प्रणाम….. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
भवसागर पार लगाने वाले , हे ब्रजनन्दन तुम्हें प्रणाम । मैया को नाच नचाने वाले , माखन दधी चुराने वाले , बन में धेनु चराने…
View More हे ब्रजनन्दन तुम्हें प्रणाम….. ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रसखी री मोहे श्याम सलोने भायो…..ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
श्यामसुन्दर कृष्ण राधा को बहुत परेशान करते हैं फिर भी कृष्णप्रेम की दिवानी राधा सखियों से कहतीं हैं कि हे सखी श्यामसलोने कृष्ण मेरे मन…
View More सखी री मोहे श्याम सलोने भायो…..ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रधर्म परिवर्तन कर आदिवासी बन रहे ईसाई, 400 आदिवासियों ने सरना धर्म छोड़ ईसाई धर्म अपनाया
गिरिडीह। सदर प्रखंड अंतर्गत बेरदोंगा पंचायत के आदिवासी सरना धर्म छोड़ ईसाई धर्म मानने लगे हैं। जानकारी के अनुसार बेरदोंगा पंचायत काफी घनी आबादी वाला…
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