चुनावी पराजय ने किया बोकारो भाजपा में ‘जय’ के दौर का अंत, अब नया ‘राज’

संगठन की साख बचाने को पार्टी की बड़ी कार्रवाई, सुरेन्द्र नए जिलाध्यक्ष – दीपक झा बोकारो : भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो संगठन को लेकर पिछले…

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चास नगर निगम के महापौर पद पर भोलू पासवान की शानदार वापसी

  बोकारो : नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत चास नगर निगम के महापौर पद की मतगणना पूरी होने के बाद भोलू पासवान को…

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दोबारा भरोसा या नई शुरुआत? चास की जनता के सामने विकल्प

— पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश’ चास नगर निगम चुनाव इस बार सत्ता लोलुपता की सीमाएँ पार कर रहा है। 30 से ज्यादा नए-पुराने घड़े अपनी चमक दिखाने…

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नए केंद्रीय अध्यक्ष और झारखण्ड की राजनीति में पुनर्संतुलन की चुनौती

– पूर्णेन्दु पुष्पेश    अपनी कर्मठता और सुविवेक के लिए जाने जाने वाले नितिन नबीन के भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद झारखण्ड में…

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लोकतंत्र की रक्षा का समय -देश पहले, राजनीति बाद में

– पूर्णेन्दु पुष्पेश आज देश एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां नागरिक सिर्फ विकास नहीं, बल्कि व्यवस्था की ईमानदारी भी चाहते हैं। मतदाता सूची…

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क्या ममता बनर्जी का राजनीतिक अंत शुरू हो चुका है?

– पूर्णेन्दु पुष्पेश पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर एक निर्णायक मोड़ पर है। यह वही राज्य है जिसने कभी वाम दलों को लगातार 34 वर्षों…

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राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल: युवाओं को भटकाने की कोशिश या लोकतंत्र की चुनौती?

– पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘    भारतीय राजनीति में विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और वैचारिक टकराव कोई नई बात नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह सब सामान्य…

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क्यों अमेरिका भारत से भयभीत है?

– पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश ‘ विश्व राजनीति के इतिहास में अमेरिका लंबे समय तक एकमात्र शक्ति केंद्र माना जाता रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद…

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जनप्रतिनिधित्व की साख पर सवाल: श्वेता सिंह प्रकरण और लोकतंत्र की परीक्षा

सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘  किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ उसकी पारदर्शी और जवाबदेह राजनीतिक व्यवस्था होती है। और जब वही व्यवस्था सवालों के…

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