नववर्ष के शुभ अवसर पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें मैने दर्शाया है कि किस प्रकार प्रकृति नववर्ष का स्वागत कर रही है :——
आया मंगलमय नववर्ष ।
नित नव नूतन कुसुम सुहाए ,
नव पल्लव तरुवर बहु छाए ,
हृदय अती उत्कर्ष ।
आया मंगलमय नववर्ष ।।
पक्षिन्ह कलरव मंगल गाए ,
खग मृग आपसु बैर भुलाए ,
विचरत हो अति हर्ष ।
आया मंगलमय नववर्ष ।।
पुरबि बयार बधाई बजाए ,
कोयल मधुरी तान सुनाए ,
स्वागत करत सहर्ष ।
आया मंगलमय नववर्ष ।।
घर घर उत्सव मंगल छाए ,
विधि हरि हर सब लोग मनाए ,
स्वागत है नववर्ष ।
आया मंगलमय नववर्ष ।।
रचनाकार :

ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

