रघुबीर तुम्हारे चरणों में……   ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :—–

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रघुबीर तुम्हारे चरणों में,
शत कोटि प्रणाम हमारा ।
मैं कामी क्रोधी और लोभी ,
कपटि कुटिल विषयी और भोगी ,
मोहे भायो न भजन तुम्हारा ।
रघुबीर तुम्हारे चरणों में………..
पैरों में ममता की बेड़ी ,
अँखियन मोह की पट्टी घनेरी ,
मोहे सूझै न रूप तुम्हारा ।
रघुबीर तुम्हारे चरणों में………..
पर निन्दा पर द्रोह में रत मैं ,
टेढ़ो टेढ़ो चाल चलत मैं ,
अब केहि विधि तरन हमारा ।
रघुबीर तुम्हारे चरणों में………..
करहु कृपा मो पर मोरे स्वामी ,
सकल जगत उर अंतर्यामी ,
अब तुम्हरेहिं एक सहारा ।
रघुबीर तुम्हारे चरणों में………..

 

रचनाकार

 


   ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र