देखो सज गइ आज अवध नगरी……-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रभु श्रीराम वनवास समाप्त कर सीता जी और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या लौट आए। गुरु बशिष्ठ जी, सभी माताएँ, भाई भरत जी और शत्रुघ्न…

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भाजपा संगठन महापर्व: सदस्यता अभियान 2024 के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

बोकारो: भाजपा झारखंड प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार संगठन महापर्व (सदस्यता अभियान 2024) के तहत 16 दिसम्बर विजय दिवस के दिन जिला कार्यालय सह सांसद कार्यालय…

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दर्शन दिहीं ना छठिय मैया…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

छठ गीत मेरी कलम से। सभी व्रतियों को छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ ! दर्शन दिहीं ना छठिय मैया, सेवका खड़ा है तोहरे द्वार ।…

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बंशी बाजि रही मधुवन में…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

कृष्ण की बाँसुरी की धुन राधा को इतनी प्रिय थी कि राधा सुध बुध खो देती थी l इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है आज की…

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हरो विकल मनवाँ की पीर ……..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

‘राधा’ को बड़ सोच हृदय में, साँवरे आए न म्हारे। सीता बैठि अशोक-वाटिका, प्रियतम ‘राम’ पुकारे॥१॥ निष्ठुर बने ‘कृष्ण ‘रघुवीरा’, हरें न विकल प्रिया मन…

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हरि बोल हरि बोल…..…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

हरि बोल हरि बोल प्राणी रे , चार दिन कि जिन्दगानी । दुनिया में आकर प्रभू को भुलाया , प्रभु के भजन में तु मन…

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ओ हरी जी! कब लोगे खबर हमारी…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी रचना:—– ओ हरी जी! कब लोगे खबर हमारी । काम क्रोध मद में, उमरिया बितायो प्रभु जी,…

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राम मोरे आ जाओ…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

शबरी प्रभु श्रीराम की प्रतीक्षा कैसे करती थी यही मेरी इस रचना में दर्शाया गया है :—- राम मोरे आ जाओ । दर्शन के प्यासे…

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ओहिजे महल बनाईं रघुबीर….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

भगवान राम बाल्मीकि आश्रम मे बाल्मीकि मुनी के दर्शन के पश्चात उनसे विदा माँगी और कहा कि मुझे वैसा स्थान बतलाईये जहाँ मैं कुछ दिन…

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भजले चरन कमल रघुराई…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें मैने प्रभु के चरण कमल की वन्दना की है :—- भजले चरन कमल रघुराई । जेहि चरनन से सुरसरि…

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