भाई दूज के अवसर पर भाई की प्रतीक्षा करती एक बहन का हृदयोद्गार मेरी इस रचना के माध्यम से प्रस्तुत है:—– रखियो बहना की लाज…
View More रखियो बहना की लाज हमार भैया …- ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रBlog
सत्ता लोलुपता और आदिवासी अधिकारों का संकट
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की सत्ता लोलुपता ने झारखण्ड के सभी वर्गों को असंतुष्ट ही नहीं पूरा नाराज़ कर के रखा…
View More सत्ता लोलुपता और आदिवासी अधिकारों का संकटदेखो सज गइ आज अवध नगरी …- ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम वनवास समाप्त कर सीता जी और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या लौट आए। गुरु बशिष्ठ जी, सभी माताएँ, भाई भरत जी और शत्रुघ्न…
View More देखो सज गइ आज अवध नगरी …- ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रझारखंड विस चुनाव 2024 में आदिवासी मुद्दा: एनडीए बनाम इंडी गठबंधन
-पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर आदिवासी मुद्दों पर है। राज्य में आदिवासी समुदाय…
View More झारखंड विस चुनाव 2024 में आदिवासी मुद्दा: एनडीए बनाम इंडी गठबंधनराजनीतिक परिपक्वता विरासत में नहीं मिलती: राहुल गांधी का नया आडम्बर
-पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’ दिवाली के मौके पर इस नए आडम्बर से राहुल एक साथ दो निशाने लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तो मुस्लिम…
View More राजनीतिक परिपक्वता विरासत में नहीं मिलती: राहुल गांधी का नया आडम्बरतैयारी चुनाव की – बारह………- डॉ प्रशान्त करण
रघुवंशी जी सुबह रुआँसे थे . खबरीलाल ने पूछ लिया – सर कोई मुसीबत आ गयी क्या ? बोले – धनतेरस गया , दिवाली भी…
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नए कीर्तिमान बना देना बहुत कठिन कार्य है। यह वर्षों के कठिन परिश्रम से होता है। और नए कीर्तिमान को स्वयं ही काटकर और नया…
View More बनना नए कीर्तिमान का ……- डॉ प्रशान्त करणआव आव हो चन्दा हमार अँगना ……- ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
बाल मन को आनन्द देने वाली मेरी ये रचना प्रस्तुत है । बालक कृष्ण चन्द्रमा को देख कर मचल उठे । कहते हैं “मैया मोरि…
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सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। भारत का समाज प्राचीनकाल से ही धार्मिक सहिष्णुता और विविधता का प्रतीक रहा है। हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, आदिवासी और…
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-पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ वैसे तो बोकारो विधानसभा में भाजपा उम्मीदवार बिरंचि नारायण की जीत लगभग तय मानी जा रही है फिर भी कांग्रेस उम्मीदवार…
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