आत्मदर्शन का दर्पण है स्वाध्याय : उपासिका वीणा


‘स्वाध्याय दिवस’ के रूप में मनाया गया पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन

बोकारो ः जैन धर्मावलंबियों के महापर्व पर्युषण का दूसरा दिन बुधवार को स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया गया। चास के श्री माणकचन्दजी छालाणी भवन में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम के दौरान स्वाध्याय दिवस का शुभारंभ महावीर भगवान की मंगल-स्तुति से हुआ। इस अवसर पर उपासिका वीणा बोथरा ने कहा कि स्वाध्याय आत्मदर्शन का दर्पण है। यह हर व्यक्ति की आत्मा पर जमी हुई कालिमा को दूर कर उसके व्यक्तित्व को सजाता-संवारता है। स्वाध्याय से हमारे पूर्वसंचित कर्मफल की विशुद्धि होती है। स्वाध्याय करते-करते साधक आत्मविद्या को प्राप्त होता है। वस्तुतः स्वाध्याय अनेक प्रकार की लब्धियां सिद्धियां प्राप्त करने का सोपान है।

उपासिका ममता बोथरा ने कहा कि स्वाध्याय एक महकता गुलशन है, जिसके सौरभ से मन प्रसन्न होता है तथा विचारों की पवित्रता बढ़ती है। ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय होता है। सम्यक् ज्ञान की प्राप्ति के लिए आगम स्वाध्याय का विशेष महत्व बताया गया है। स्वाध्याय द्वारा जीवन में बदलाव संभव है। जब हम स्वयं बदलेंगे तो जीवन में भी अवश्य बदलाव आएगा। जहां स्वाध्याय होता है, वहां सभी देवी- देवता भी उपासना करते हैं।

उल्लेखनीय है कि पर्युषण महापर्व के अवसर पर चास में कुलदीप टॉकीज गली स्थित श्री माणकचन्दजी छालाणी भवन में 20 सितंबर तक प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमणजी के कृपा तले उपासिका वीणा बोथरा एवं ममता बोथरा प्रवचन हेतु पधारी हैं। प्रवचन प्रातः 9 से 10 बजे एवं संध्याबेला में 8.30 से 9.30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। 14 सितंबर को सामायिक दिवस, 15 को वाणी संयम दिवस, 16 को अनुव्रत चेतना दिवस, 17 सितंबर को जप दिवस, 18 सितंबर को ध्यान दिवस तथा 19 को संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा। 20 सितंबर को क्षमापना दिवस के साथ इस नौदिवसीय पर्व का समापन होगा।

मौके पर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा, मंत्री प्रकाश कोठारी, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष कनक जैन, मंत्री आरती पारख एवं तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष सिध्दार्थ चोरड़िया तथा गौरव लोढा व मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा सहित जयचंद, सुशील, राजू, अरिहंत, शशि, रेणु चौरड़िया, सरोज छलानी आदि मौजूद रहे।

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