सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा पुष्पेश। झारखंड में भाजपा की परिवर्तन यात्रा हाल ही में सुर्खियों में है, और इसका कारण सिर्फ यात्रा का आयोजन नहीं,…
View More भाजपा की परिवर्तन यात्रा: केवल आरोप या वास्तविक बदलाव?Author: admin
संत ज़ेवियर कॉलेज के ललित साव अब दंगल टीवी के धारावाहिक “मन अतिसुन्दर” में नजर आएंगे
Ranchi : ललित साव, जिन्होंने लंबे समय से भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, अब दंगल टीवी के चर्चित धारावाहिक “मन अतिसुन्दर”…
View More संत ज़ेवियर कॉलेज के ललित साव अब दंगल टीवी के धारावाहिक “मन अतिसुन्दर” में नजर आएंगेझारखंड में स्थानीय पत्रकारों का संघर्ष: चुनौतियाँ और समाधान
झारखंड, एक आदिवासी बहुल राज्य होने के साथ-साथ खनिज संपदा से भरपूर है, लेकिन यहाँ की राजनीति और सामाजिक तानाबाना उतना ही जटिल है। यह…
View More झारखंड में स्थानीय पत्रकारों का संघर्ष: चुनौतियाँ और समाधानपत्रकारों की सुरक्षा: समय की पुकार, राष्ट्र की जिम्मेदारी
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा पुष्पेश। भारत में पत्रकारिता आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। सच की आवाज़ को बुलंद करने और जनता…
View More पत्रकारों की सुरक्षा: समय की पुकार, राष्ट्र की जिम्मेदारीदरश बिनु आवत नाहीं चैन….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु के दर्शन का प्यासा मन जब आर्त हो कर पुकारता है तो प्रभु उसको अवश्य दर्शन देते हैं और उसे संकट से उबारते हैं…
View More दरश बिनु आवत नाहीं चैन….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रआगे माइ राम नाम सब नाम में आगर….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
एक बार नारद जी ने भगवान राम से कहा कि हे प्रभु वैसे तो आपके अनेक नाम हैं और सब एक से बढ़ कर एक…
View More आगे माइ राम नाम सब नाम में आगर….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रबोकारो में परिवर्तन की जरूरत, नहीं तो हार तय है
रिपोर्ट : विशेष संवाददाता बोकारो विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा विधायक बिरंची नारायण के प्रति जनता में गहरी असंतोष की भावना दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।…
View More बोकारो में परिवर्तन की जरूरत, नहीं तो हार तय हैअब रखियो तु लाज हमारी….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
द्रौपदी चीर हरण पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना। द्रौपदी की आर्त पुकार सुन कर भगवान कृष्ण ने उसकी लाज रखी। यही प्रसंग है मेरी…
View More अब रखियो तु लाज हमारी….. – ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रजमानत पर राजनीति: अदालत का फैसला या चुनावी मुद्दा?
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। जमानत! एक ऐसा शब्द जो कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होते हुए भी चुनावी मौसम में जादूई असर दिखाने लगता है।…
View More जमानत पर राजनीति: अदालत का फैसला या चुनावी मुद्दा?हिंदी दिवस और धिक्कार…….— डॉ प्रशान्त करण
आज अंग्रेजी तिथि चौदह सितंबर है और इसे हिंदी दिवस के रूप में चिन्हित किया गया है.वर्षों से हम इसी अंग्रेजी तिथि को हिंदी दिवस…
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