अब राखो शरन कृपालु हरी…………ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :—– अब राखो शरन कृपालु हरी । मैं कामी क्रोधी और लोभी , कपटि कुटिल…

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हरि बिनु हरिहैं कवन दुख मेरो……ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :——– हरि बिनु हरिहैं कवन दुख मेरो । यह संसार सागर अपार प्रभु , डूबि…

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यह तन माटी में मिल जाना…….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

पंचतत्व से बना मनुष्य का यह शरीर एक दिन मिट्टी में हीं मिल जाना है। धन दौलत सब धरा का धरा हीं रह जाएगा फिर…

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चुनरिया हो गइ मैली मोरी…….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

चुनरिया हो गइ मैली मोरी। मैने अपनी इस रचना में चुनरी को शरीर की संज्ञा दी है। मनुष्य जब जगत में आता है तो उसका…

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बताओ कहाँ मिलेगें राम…….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

रे मूरख प्राणी तू राम को कहाँ खोज रहा है ? राम तो तेरे मन के अन्दर हीं बैठे हैं और तू तीर्थ तीर्थ मन्दिर…

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ई एस एल स्टील लिमिटेड पर्यावरण के प्रति संजीदा, 2024-25 के लिए 1.5 लाख पौधों की वृक्षारोपण अभियान का लक्ष्य तय किया

• 5 जून को यू एन ई पी द्वारा घोषित विश्व पर्यावरण दिवस के साथ ही वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया • विश्व पर्यावरण दिवस…

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सेहत-जांच के बहाने ठेका मजदूरों के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं – सांसद ढुल्लू महतो

बोकारो ः धनबाद लोकसभा के नव निर्वाचित सांसद ढुल्लू महतो चुनाव में अपार समर्थन के लिए गुरुवार को श्रमिक शक्ति को नमन करने बोकारो स्टील प्लांट के…

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सुखवा सब कोई बाँटे…….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

सुख में तो सभी साथ निभाते हैं लेकिन जब बुरे दिन आते हैं तो सभी साथ छोड़ जाते हैं । इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है…

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अभिनन्दन कराने की ललक…… -प्रशान्त करण

मुझे व्यवसायिक रूप से लिखते हुए कई वर्ष हो गए,अपना अभिनन्दन कराने के लिए ललक लिए फिर रहा हूँ।इस बीच मेरे कई जन्मदिन भी आए…

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भैया सुख दुख आए जाए…….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

जीवन में सुख दुख आते जाते रहते हैं और जो न सुख में हर्षित होते हैं न दुख में दुखी होते हैं वही धीर पुरुष…

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