वेब मीडिया समागम का सातवां स्थापना दिवस, भागलपुर में जुटी देशभर की पत्रकारिता

भागलपुर : आनंद उत्सव पैलेस, आनंदगढ़ में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित वेब मीडिया समागम सह सातवां स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से…

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हिंदू मरते रहें, और वे कहते रहें -सब ठीक है

पूर्णेन्दु पुष्पेश . बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, उसे अब “अलग-थलग घटना” कहकर टालना खुद से झूठ बोलने जैसा है। यह…

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जड़ों से जुड़ती नई पीढ़ी ही भारत का भविष्य

– पूर्णेन्दु पुष्पेश  भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि हमारे पास कितनी तकनीक है या हमारी…

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नए केंद्रीय अध्यक्ष और झारखण्ड की राजनीति में पुनर्संतुलन की चुनौती

– पूर्णेन्दु पुष्पेश    अपनी कर्मठता और सुविवेक के लिए जाने जाने वाले नितिन नबीन के भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद झारखण्ड में…

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लोकतंत्र की रक्षा का समय -देश पहले, राजनीति बाद में

– पूर्णेन्दु पुष्पेश आज देश एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां नागरिक सिर्फ विकास नहीं, बल्कि व्यवस्था की ईमानदारी भी चाहते हैं। मतदाता सूची…

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आज़ादी की हद या हद से ज़्यादा आज़ादी?

– Purnendu pusspesh    आजकल दुनिया बदल चुकी है। पहले लोग सुबह उठकर अखबार की सुर्खियाँ पढ़ते थे, आज जागते ही मोबाइल उठाते हैं और…

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क्या ममता बनर्जी का राजनीतिक अंत शुरू हो चुका है?

– पूर्णेन्दु पुष्पेश पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर एक निर्णायक मोड़ पर है। यह वही राज्य है जिसने कभी वाम दलों को लगातार 34 वर्षों…

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यह समय राष्ट्रवाद-जाप का नहीं -मुखर राष्ट्रवाद का है

Not a Time to Whisper Patriotism; But to Declare Vocal Nationalism – Purnendu Pusspesh (Editor)   राष्ट्र चिंतन से राष्ट्र निर्माण तक -यह केवल एक…

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डिजिटल दौर में महिलाओं की लड़ाई: हिंसा का नया चेहरा और समाज की पुरानी चुप्पी

– पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश’ दुनिया जितनी आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से एक सच्चाई सामने आ रही है। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा…

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बिहार बीजेपी की भूल : कायस्थों और यादवों की अनदेखी से फिसल सकता है जनाधार

– पूर्णेन्दु एस.’पुष्पेश’    बिहार की राजनीति में जातीय गणित केवल वोटों की गिनती नहीं है, यह सत्ता की कुंजी है। जो इसे समझ लेता…

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