गोमिया में ONGC के CBM प्लांट पर रैयतों का कब्जा: मुख्य गेट जाम, गहरा सकता है क्षेत्रीय व राष्ट्रीय ऊर्जा संकट

गोमिया (बोकारो):
बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया स्थित ओएनजीसी (ONGC) के खुद्गड्डा सीबीएम (कोल बेड मीथेन) गैस कलेक्टिंग स्टेशन (GCS) पर गुरुवार सुबह से स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। नौकरी की मांग को लेकर स्थानीय रैयतों ने पूर्व निर्धारित सूचना के आधार पर सुबह 5 बजे से ही प्लांट के मुख्य गेट को पूरी तरह जाम कर दिया है।

नाइट शिफ्ट के कर्मचारी अंदर फंसे, संयंत्र बंद होने का खतरा
गेट जाम होने के कारण प्लांट के भीतर सुरक्षा और संचालन में तैनात कर्मियों (Crew) की शिफ्ट नहीं बदली जा सकी है। बुधवार रात से ड्यूटी पर तैनात कर्मी बिना भोजन और पानी के अंदर ही फंसे हुए हैं। अति-संवेदनशील और प्रेशराइज़्ड गैस संयंत्र होने के कारण थके-मांदे कर्मियों से काम कराने को लेकर सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा पाइपलाइन की सप्लाई पर संकट

यह सीबीएम प्लांट देश की बेहद महत्वपूर्ण ‘प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा पाइपलाइन’ (Jagdishpur-Haldia & Dhamra Pipeline) से सीधे जुड़ा हुआ है। यहाँ से उत्पादित गैस को सीधे इस राष्ट्रीय पाइपलाइन ग्रिड में डाला जाता है। अगर यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो गैस का उत्पादन और फीडिंग पूरी तरह ठप हो जाएगी। इससे न केवल स्थानीय उद्योग और गेल (GAIL) की सप्लाई प्रभावित होगी, बल्कि ऊर्जा गंगा पाइपलाइन से जुड़े कई राज्यों के उद्योगों, सीएनजी (CNG) स्टेशनों और घरेलू पीएनजी (PNG) आपूर्ति पर भी सीधा असर पड़ेगा, जिससे एक बड़ा ऊर्जा संकट (Energy Crisis) खड़ा होने की आशंका बन गई है।

प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद

घटना की गंभीरता को देखते हुए गोमिया थाना प्रभारी (OC), तेनुघाट थाना प्रभारी, गोमिया अंचल निरीक्षक (CI), प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट सहित 20 से 30 पुलिस बल और होमगार्ड के जवान मौके पर तैनात हैं।

प्रतिबंधित क्षेत्र में गैर-कानूनी जाम

झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इस परिसर को ‘झारखंड राज्य संरक्षित स्थान अधिनियम, 1979’ के तहत ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ (Prohibited Area) घोषित किया गया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता कर गेट खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन रैयत अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।