सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। झारखंड के संथाल इलाके में बांग्लादेशी घुसपैठ का मामला न केवल एक सीमा सुरक्षा की समस्या है, बल्कि यह राज्य…
View More झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ और धर्मांतरण: क्या सरकार जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है?Category: BOKARO
श्वेता सिंह की योग्यता बनाम बीजेपी की लहर: कौन करेगा बोकारो पर कब्जा?
PURNENDU SINHA PUSHPESH झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में बोकारो विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार विरंचि नारायण और कांग्रेस की प्रत्याशी श्वेता सिंह के बीच मुकाबला…
View More श्वेता सिंह की योग्यता बनाम बीजेपी की लहर: कौन करेगा बोकारो पर कब्जा?बीजेपी के घोषणापत्र की 25 संकल्पों की तुलना INDI गठबंधन के वादों से, कौन बेहतर?
PURNENDU SINHA PUSHPESH झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी और इंडी (INDI) गठबंधन के घोषणापत्रों में जो प्रमुख वादे किए गए हैं, वे राज्य…
View More बीजेपी के घोषणापत्र की 25 संकल्पों की तुलना INDI गठबंधन के वादों से, कौन बेहतर?झारखंड चुनाव: आदिवासी वोट, ‘रोटी, माटी, बेटी’ का नारा और बीजेपी की रणनीति
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। झारखंड में 2024 के विधानसभा चुनाव का माहौल गरमा रहा है। जैसे-जैसे 13 और 20 नवंबर की तारीख करीब आ…
View More झारखंड चुनाव: आदिवासी वोट, ‘रोटी, माटी, बेटी’ का नारा और बीजेपी की रणनीतिसत्ता लोलुपता और आदिवासी अधिकारों का संकट
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की सत्ता लोलुपता ने झारखण्ड के सभी वर्गों को असंतुष्ट ही नहीं पूरा नाराज़ कर के रखा…
View More सत्ता लोलुपता और आदिवासी अधिकारों का संकटझारखंड विस चुनाव 2024 में आदिवासी मुद्दा: एनडीए बनाम इंडी गठबंधन
-पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर आदिवासी मुद्दों पर है। राज्य में आदिवासी समुदाय…
View More झारखंड विस चुनाव 2024 में आदिवासी मुद्दा: एनडीए बनाम इंडी गठबंधनराजनीतिक परिपक्वता विरासत में नहीं मिलती: राहुल गांधी का नया आडम्बर
-पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’ दिवाली के मौके पर इस नए आडम्बर से राहुल एक साथ दो निशाने लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तो मुस्लिम…
View More राजनीतिक परिपक्वता विरासत में नहीं मिलती: राहुल गांधी का नया आडम्बरबिगड़ती डेमोग्राफी में हिंदू और आदिवासी अस्तित्व पर संकट
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। भारत का समाज प्राचीनकाल से ही धार्मिक सहिष्णुता और विविधता का प्रतीक रहा है। हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, आदिवासी और…
View More बिगड़ती डेमोग्राफी में हिंदू और आदिवासी अस्तित्व पर संकटविरंचि नारायण और अमर बाउरी : चुनौती स्वीकार करने का समय
-पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ वैसे तो बोकारो विधानसभा में भाजपा उम्मीदवार बिरंचि नारायण की जीत लगभग तय मानी जा रही है फिर भी कांग्रेस उम्मीदवार…
View More विरंचि नारायण और अमर बाउरी : चुनौती स्वीकार करने का समयहेमंत सोरेन की चुप्पी: आदिवासी संस्कृति की हत्या या राजनीतिक विवशता?
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। चुनावी बयानबाजी सही, अभद्र टिप्पणी कर आप थोड़े दिन के लिए लाइमलाइट में तो रह सकते हैं, जनता का विश्वास…
View More हेमंत सोरेन की चुप्पी: आदिवासी संस्कृति की हत्या या राजनीतिक विवशता?
