जितना आनंद आलोचना करने में आता है उतना ही आलोचना सहने में पीड़ा . यह बात कहने और दूसरों को प्रवचन देने के लिए…
View More आलोचना संसार………….. प्रशान्त करणCategory: Literature
कथा रोटी की………. प्रशान्त करण
रोटी की कथा बहुत लम्बी, कठिन तो नहीं लेकिन उतनी छोटी व सरल भी नहीं है. हम अपनी संस्कृति, अनाज की उपलब्धता, अपने स्वास्थ्य और…
View More कथा रोटी की………. प्रशान्त करणमामला आत्महत्या का……. प्रशान्त करण
भैया जी दो बार चुनाव जीत कर अब तीसरी बार विधायकी के चुनाव मैदान में थे. जिस जनता के पास जाते, वह गुस्से में…
View More मामला आत्महत्या का……. प्रशान्त करणकोनार डैम में दूसरे दिन रन फाॅर डीवीसी का आयोजन
बोकारो थर्मल ः डीवीसी कोनार डैम में सोमवार को स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन रन फॉर डीवीसी का आयोजन किया गया। दौड़ कोनार डैम के…
View More कोनार डैम में दूसरे दिन रन फाॅर डीवीसी का आयोजनबहती रही नदी………..प्रशान्त करण
बहना नदी का स्वभाव है , चलते रहना सरिता की नियति है . पथ की सारी चुनौतियों को धता बताते बढ़ती रहती है . पथ…
View More बहती रही नदी………..प्रशान्त करणकुविचार : गति समय की………………प्रशान्त करण
साधो ! कहा जाता है कि समय गतिशील है . भगवान बुद्ध ने साँसों की यात्रा को जीवन माना , जो निरंतर गतिशील है .…
View More कुविचार : गति समय की………………प्रशान्त करणचाटूकारिता …………:प्रशान्त करण
चाटुकारिता एक साधना है। साधे से सधता है।सब से नहीं सधता! अभ्यास से यह सध सकता है। इसके साधक को बहुत कुछ त्याग करना पड़ता…
View More चाटूकारिता …………:प्रशान्त करणविकास क्षमता का………..प्रशान्त करण
साधो ! क्षमता हो तो विकास के साथ उसका विकास करना होता है. जो विकास के साथ नहीं चलता , विकास उसके साथ नहीं चलता…
View More विकास क्षमता का………..प्रशान्त करणन हुई भेंट उनसे……………….प्रशान्त करण
यह कौतुहल का विषय ही नहीं और न ही विषय है प्रेम का . न किसी प्रेमिका से न मिलने का , न जिनसे आवश्यक…
View More न हुई भेंट उनसे……………….प्रशान्त करणअभिनन्दन कराने की ललक…… -प्रशान्त करण
मुझे व्यवसायिक रूप से लिखते हुए कई वर्ष हो गए,अपना अभिनन्दन कराने के लिए ललक लिए फिर रहा हूँ।इस बीच मेरे कई जन्मदिन भी आए…
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