साधो ! बिना परिश्रम, उद्यम, मेधा के ही अल्पतम अवधि में सफलता के ही साथ सम्पन्नता प्राप्त करने की साधना में बदलते संबंध एक बहुमूल्य…
View More कुविचार : बदलते संबंध………… – डॉ प्रशान्त करणCategory: Literature
रोता किसान ………… – डॉ प्रशान्त करण
किसान की कई प्रजातियाँ हमारे राष्ट्र में बहुतायत से पायी जाती है. इनमें से सर्वाधिक संख्या उनकी है, जिन्हें वास्तविक रूप में किसानी से कोई…
View More रोता किसान ………… – डॉ प्रशान्त करणवह यात्री…………. -प्रशान्त करण
एक आदमी को ट्रेन में बिना टिकट चढ़ने की आदत पिछले पचास वर्षों से थी। कभी भी बिना टिकट यात्रा करते पकड़े ही नहीं गए…
View More वह यात्री…………. -प्रशान्त करणसीख माँ की………. – प्रशान्त करण
हम में से पंचानवे प्रतिशत लोग स्वयं गलतियाँ कर सीखते हैं और शेष पाँच प्रतिशत लोग ही दूसरों की गलतियों से सीख पाते हैं. लेकिन…
View More सीख माँ की………. – प्रशान्त करणपंछी उड़े आकाश………. -प्रशान्त करण
साधो ! पंछी जन्म से नहीं उड़ता. वह उड़ने के लिए तैयार होता है, बड़े बनने की नैसर्गिक प्रक्रिया से जुड़ता है. उड़ने के लिए…
View More पंछी उड़े आकाश………. -प्रशान्त करणसरस्वती वंदना………… प्रशान्त करण
सुबह ठीक आठ बजे रामलाल के उस नए युवा और अविवाहित किरायेदार, जो एक माह पूर्व ही आया था, के घर का द्वार पिछले सात…
View More सरस्वती वंदना………… प्रशान्त करणमेरी बात ……….. प्रशान्त करण
सम्पूर्ण राष्ट्र में बहुतायत में लोग माननीय प्रधान मंत्री जी के “मन की बात ” कार्यक्रम सुनते हैं. विरोधी दलों और उनके समर्थक इसका उपहास…
View More मेरी बात ……….. प्रशान्त करणमाँ अलौकिक शब्द…………. प्रशान्त करण
एक सैनिक ने कहा – माँ एक अलौकिक शब्द है. भारत मेरी माता है और तभी हम भारत माता की जय बोलते हैं. मेरी अपनी…
View More माँ अलौकिक शब्द…………. प्रशान्त करणगुरु पूर्णिमा………. प्रशान्त करण
आज आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि है. आज के दिन गुरु पूजन का बहुत महत्व है. सनातन धर्म में गुरुओं को ईश्वर के समान माना…
View More गुरु पूर्णिमा………. प्रशान्त करणआलोचना संसार………….. प्रशान्त करण
जितना आनंद आलोचना करने में आता है उतना ही आलोचना सहने में पीड़ा . यह बात कहने और दूसरों को प्रवचन देने के लिए…
View More आलोचना संसार………….. प्रशान्त करण
