कोलकाता : कोलकाता के वित्त और कानूनी पेशेवरों के अग्रणी निकाय बीबीडी बैग प्रोफेशनल एसोसिएशन की चौथी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 21 सितंबर 2025 को…
View More बीबीडी बैग प्रोफेशनल एसोसिएशन ने नए पदाधिकारियों का किया ऐलान, सीए संजीब सांघी बने अध्यक्षCategory: National
क्यों अमेरिका भारत से भयभीत है?
– पूर्णेन्दु ‘पुष्पेश ‘ विश्व राजनीति के इतिहास में अमेरिका लंबे समय तक एकमात्र शक्ति केंद्र माना जाता रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद…
View More क्यों अमेरिका भारत से भयभीत है?भारत की आज़ादी में झारखंड क्षेत्र का योगदान : क्रांति की धरती से स्वाधीनता की राह तक
जब हम भारत की स्वतंत्रता की गाथा को पढ़ते हैं, तो हमारे सामने दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, और लाहौर जैसे बड़े शहरों की तस्वीरें उभरती हैं।…
View More भारत की आज़ादी में झारखंड क्षेत्र का योगदान : क्रांति की धरती से स्वाधीनता की राह तकवेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया- डिजिटल पत्रकारों के अधिकार और गरिमा की एक सशक्त आवाज़
भारत में वेब पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव और बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच, “वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI)” एक सशक्त और संगठित मंच के…
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सम्पादकीय : पूर्णेंदु सिन्हा ‘पुष्पेश’ बोकारो में इन दिनों अपराध की तस्वीर कुछ ऐसी बनती जा रही है, जो न केवल पुलिस की सक्रियता की…
View More बोकारो में बढ़ता अपराध: पुलिस के लिए चुनौती भी, अवसर भीचिन्मय विद्यालय सहित बोकारो के चार स्कूल सहोदया समूह से निष्कासित
कार्यकारिणी समिति के चुनाव में अमर्यादित गतिविधियों के मद्देनजर कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से लिया निर्णय बोकारो। विद्यालयों को एक मंच पर जोड़कर शैक्षणिक उत्थान…
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सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ उसकी पारदर्शी और जवाबदेह राजनीतिक व्यवस्था होती है। और जब वही व्यवस्था सवालों के…
View More जनप्रतिनिधित्व की साख पर सवाल: श्वेता सिंह प्रकरण और लोकतंत्र की परीक्षाभ्रष्टाचार की हाँडी और नौकरशाही का काला चावल
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ झारखंड की धरती एक बार फिर उसी दाग़ से सनी है, जो बरसों से इसकी छवि को मलिन करता रहा…
View More भ्रष्टाचार की हाँडी और नौकरशाही का काला चावलबोकारो की जनता को बहकाना नहीं, सच्चाई बताना जरूरी है
सम्पादकीय: पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ लोकतंत्र की बुनियाद उस भरोसे पर टिकी होती है जो जनता अपने प्रतिनिधियों पर करती है। जब यह भरोसा टूटता…
View More बोकारो की जनता को बहकाना नहीं, सच्चाई बताना जरूरी हैदेशहित से पृथक विपक्ष: एक सुनियोजित आत्मविनाश
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ अजीब दौर है देश का — एक तरफ भारत दुनिया को अपनी सैन्य क्षमता और कूटनीतिक समझ से अचंभित…
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