भवसागर पार लगाने वाले , हे रघुनन्दन तुम्हें प्रणाम । राज्य त्यागि बन आने वाले , मुनिजन अभय बनाने वाले , केवट से चरन…
View More हे रघुनन्दन तुम्हें प्रणाम…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रMonth: February 2025
शुभवा श्यामल पुरुषवा तोहरो केइ लगिहें हो….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम सीता जी और लक्ष्मण जी के साथ जिस मार्ग से बन में जा रहे हैं उस मार्ग पर बसे गाँव के लोग प्रभु…
View More शुभवा श्यामल पुरुषवा तोहरो केइ लगिहें हो….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रप्रभु बिनु नहिं कोउ शरणागत हितकारी…-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :——. प्रभु बिनु नहिं कोउ शरणागत हितकारी । आरत बचन सुनी द्रौपति की , राखी…
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प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें मैने प्रभु के चरण कमल की वन्दना की है :—–. भजले चरन कमल रघुराई । जेहि चरनन से सुरसरि…
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राम से बड़ा राम का नाम। प्रभु श्रीराम ने तो एक गौतम मुनि की पत्नी अहिल्या का उद्धार किया पर प्रभु का नाम कोटि कोटि…
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राम नाम की अद्भुत महिमा है। शिव जी ने राम नाम रुपी अनुपान मिला कर कालकूट हलाहल का पान कर लिया और सारे जगत की…
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मैं प्रभु श्रीराम के नाम ‘राम’ की वन्दना करता हूँ जिसे भज कर अनगिनत भक्तजन भवसागर से पार उतर गए। राम नाम के बल पर…
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प्रस्तुत है भोजपुरी में मेरी ये रचना शरणागत भजन के रूप में :—— नाथ हमरो के तारीं शरन अइनी जी । गणिका के तरनी अजामिल…
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लक्ष्मण जी को शक्ति बाण लगा हुआ है । हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने गए हैं । प्रभु श्री राम भाई का सिर गोद में…
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