प्रभु श्रीराम ने जब रावण का वध कर दिया तब सब देवता मुनि आए और प्रभु की स्तुति करने लगे। प्रभु के प्रति कृतज्ञता प्रकट…
View More श्रीमन् नारायण नारायण हरी हरी……….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रBlog
रावण बिना श्री राम की…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
कागभुषुण्डी जी गरूड़ जी से भक्ति के विषय में वर्णन करते हुए कहते हैं कि हे गरूड़ जी भक्ति के बिना मनुष्य का शरीर शव…
View More रावण बिना श्री राम की…….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रराम बिन गोदिया सूनी री सखिया….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम वन में चले गए हैं। माता कौशल्या विरह में ब्याकुल हो कर बिलाप कर रही हैं। माता कौशल्या की विरह वेदना पर प्रस्तुत…
View More राम बिन गोदिया सूनी री सखिया….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रप्रगट भए रघुरैया….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम का प्राकट्य हुआ है, अयोध्या में उत्सव मनाया जा रहा है। तीनों माताएँ बालक राम की बार बार बलैया ले रहीं हैं। राजा…
View More प्रगट भए रघुरैया….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रसाँवरे की लगन मोहे लागी…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु के चरण में जिनकी लगन लग गई वो भवसागर पार उतर गया । इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना :——- साँवरे की…
View More साँवरे की लगन मोहे लागी…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रप्रभु बिनु नहिं कोउ………-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है शरणागत भजन के रूप में मेरी ये रचना :——- प्रभु बिनु नहिं कोउ, शरणागत हितकारी । आरत बचन सुनी द्रौपति की , राखी…
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प्रभु श्रीराम वन से अयोध्या लौट आए हैं। अवधवासियों के आनन्द की सीमा नहीं है। कहते हैं कि हे भैया चौदह वर्ष हम सभी विरह…
View More राजा राम जी हमारे पगु धारे नगरी…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्ररघुनाथ मड़वा में आए….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम जब विवाह मण्डप में पधारे तो सखियाँ आरती कर उनका परिछन करने लगीं, विवाह के अवसर पर गाये जाने वाली मंगल गाली गाने…
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जब प्रभु श्रीराम वन के लिए प्रस्थान किए ऐसा हृदयविदारक दृश्य उत्पन्न हो गया जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता। राजा दशरथ राम राम कह…
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प्रभु श्री राम बन में चले गए हैं । माता कौशल्या पुत्र विरह में ब्याकुल हो कर बिलाप कर रही हैं । इसी प्रसंग पर…
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