आज बुजुर्गों को हम देते नहिं आदर मान। कलुषित मन कड़वी वाणी कर्मों का रहा न ध्यान।। प्रातकाल उठ कर कभी लेते नहिं प्रभु…
View More चन्द दोहे…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रBlog
10 से 15 फरवरी तक आयोजित होगी 68वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट
राँची: झारखंड की राजधानी राँची इस बार 68वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट की मेजबानी करने जा रही है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इस भव्य…
View More 10 से 15 फरवरी तक आयोजित होगी 68वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीटबोकारो में अवैध शराब फैक्ट्री पर छापेमारी किन्तु ओवर रेट पर विभाग चुप
– वहीँ ओवर रेट में शराब बिक्री पर जिला उत्पाद विभाग ने चुप्पी धारण की। फोन उठाने से भी परहेज़। बोकारो : जरीडीह थाना क्षेत्र…
View More बोकारो में अवैध शराब फैक्ट्री पर छापेमारी किन्तु ओवर रेट पर विभाग चुपतोहरे चरन में लगन लागि रघुबर…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु के चरण में जिसकी लगन लग गई उसका बेड़ा पार हो गया। गणिका, अजामिल, गिद्धराज जटायू, केवट, अहिल्या, शबरी आदि इसके उदाहरण हैं। इसी…
View More तोहरे चरन में लगन लागि रघुबर…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रराखहु लाज हमार प्रभू जी…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु अपने भक्तों की आर्त पुकार सुन कर अवश्य हीं उसकी रक्षा करते हैं । द्रौपती की आर्त पुकार सुन कर प्रभु ने उसकी लाज…
View More राखहु लाज हमार प्रभू जी…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रप्यारे ललना को मैया झुलावै पलना…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
माता कौशल्या बालक राम को पालने में झुला रही हैं। इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना :—– प्यारे ललना को मैया झुलावै पलना…
View More प्यारे ललना को मैया झुलावै पलना…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रआजु जनक जी के अँगना….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम विवाह मंडप में सीता जी के साथ विराजमान हैं। सखियाँ कहती हैं कि आज जनक जी का आँगन कैसा सुहावना लग रहा है…
View More आजु जनक जी के अँगना….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रबन्दऊँ माता शारदे, गणपति गौरी महेश….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
वन्दना . बन्दऊँ माता शारदे, गणपति गौरी महेश । बन्दऊँ रघुबर चरन कमल, सीता लखन समेत ।। बन्दऊँ भरत शत्रूघन चरना, बन्दऊँ श्री महाबीर ।…
View More बन्दऊँ माता शारदे, गणपति गौरी महेश….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रआया मंगलमय नववर्ष ….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
नववर्ष के शुभ अवसर पर प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें मैने दर्शाया है कि किस प्रकार प्रकृति नववर्ष का स्वागत कर रही है :——…
View More आया मंगलमय नववर्ष ….ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रकहु कपि कब ऐहैं रघुबीर……..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
हनुमान जी जब लंका की अशोक वाटिका में माता सीता से मिले तब सीता जी अपनी विरह वेदना हनुमान जी से व्यक्त करने लगीं ।…
View More कहु कपि कब ऐहैं रघुबीर……..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
