जब मुरलीमनोहर कृष्ण की मुरली बजने लगती थी तब राधा मुरली की मधुर धुन सुनकर सुधबुध खोकर नाचने लगती थी। इसी प्रसंग पर प्रस्तुत है…
View More बाजी बाजि रे मुरलिया बाजी मोहन की……-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रBlog
बन्दे! मीठे बोल बोल…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
रे बन्दे! ईश्वर तुम्हें मानव शरीर देकर इसलिए पृथ्वी पर भेजता है कि तुम प्राणी मात्र से प्रेम करोगे, अपने मीठे वचनों से सबके हृदय…
View More बन्दे! मीठे बोल बोल…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रराम काहे न आए सुनो री सखिया…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रभु श्रीराम का वन से अयोध्या लौटने को एक दिन शेष है। माता कौशल्या व्याकुल हैं कि राम अब तक आए क्यों नहीं ? सखियों…
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रे मन! तू क्यों नहीं राम का नाम लेता है ? जिस नाम को लेकर गणिका, गिद्ध, अजामिल आदि अधम तर गए उसी नाम को…
View More मन रे तु काहे न राम कहे…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रबताओ हे सुमंत्र जी! राम कहाँ हैं ….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
महाराज दशरथ को ऐसा विश्वास था कि सुमंत्र जी राम को वन से लौटा कर ले आएगें पर जब सुमंत्र जी खाली हाथ लौटे तो…
View More बताओ हे सुमंत्र जी! राम कहाँ हैं ….-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रसुनो जी मैं तो रघुबर के गुण गाऊँ…..-ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें भगवान राम के कुछ मुख्य मुख्य पावन चरित्रों का वर्णन किया गया है :—— सुनो जी मैं तो रघुबर…
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मेरे नाती ओम जी ने भगवान राम पर एक रचना की है जिसमें मैने केवल मात्रा में संशोधन किया है। इस बालक को आशीर्वाद दे…
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प्रस्तुत है मेरी ये रचना जिसमें मैने भगवान श्रीराम के कुछ अलौकिक चरित्रों का वर्णन किया है :—— रघुबीर तुम्हारे चरित अलौकिक, गावहिं जग के…
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Web Journalists’ Association of India (WJAI) बिहार प्रदेश कमिटी का विस्तार: संगठन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की तैयारी पटना। Web Journalists’ Association of…
View More Web Journalists’ Association of India (WJAI) बिहार प्रदेश कमिटी का विस्तारपरब्रह्म धरी पावन नर देही ……- ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र
परब्रह्म धरी पावन नर देही . (सवैया – प्रथम) दशरथ कौशल्या के प्रेम के वश, परब्रह्म धरी पावन नर देही । बहु बाल चरित्र करी…
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