सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। आज का युवा रील लाइफ में जी रहा है। सोशल मीडिया के इस दौर में रील्स का क्रेज युवाओं के…
View More रील लाइफ: आभासी दुनिया की अंधी दौड़ में गुम होती असलियतCategory: EDITORIAL
EVM ने फिर धोखा दे दिया कांग्रेसियों को ?!
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। EVM ने फिर धोखा दे दिया कांग्रेसियों को। अपनी पैदाईश से वह कांग्रेसियों की दुश्मन रही है। मज़ाल है कि…
View More EVM ने फिर धोखा दे दिया कांग्रेसियों को ?!एक साथ चुनाव: विकास की दिशा में सार्थक पहल
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। देश अब एक साथ चुनाव कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार ने इस विचार…
View More एक साथ चुनाव: विकास की दिशा में सार्थक पहलझारखंड में ‘सिल्वर इकोनॉमी’ की संभावनाएं और चुनौतियां
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और इसका असर झारखंड जैसे राज्यों पर भी देखा…
View More झारखंड में ‘सिल्वर इकोनॉमी’ की संभावनाएं और चुनौतियांझारखंड चुनाव 2024 : जाहि विधि रहे राम, ताहि विधि रहिये
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है उसका मतदाता, और चुनाव के समय यह शक्ति अपने सबसे प्रखर रूप में होती…
View More झारखंड चुनाव 2024 : जाहि विधि रहे राम, ताहि विधि रहियेनेता को खबर चाहिए, मीडिया को पैकेज: लोकतंत्र की दुकानदारी
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। चुनावों के समय हर बार कुछ मुद्दे सुर्खियों में आ जाते हैं, जिन पर समाज का ध्यान अनिवार्य रूप से…
View More नेता को खबर चाहिए, मीडिया को पैकेज: लोकतंत्र की दुकानदारीनई पीढ़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति आकर्षण
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संगठन,…
View More नई पीढ़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति आकर्षणलाल बहादुर शास्त्री: भारत उत्थान के वास्तुकार
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। लाल बहादुर शास्त्री जी भारतीय राजनीति के एक प्रमुख नेता और एक सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे, जिनका दृष्टिकोण और…
View More लाल बहादुर शास्त्री: भारत उत्थान के वास्तुकारझारखंड में पेसा कानून और सोरेन सरकार का संशयपूर्ण दृष्टिकोण
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। भारत में अनुसूचित जनजातियों की पहचान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान के तहत कई प्रावधान किए गए…
View More झारखंड में पेसा कानून और सोरेन सरकार का संशयपूर्ण दृष्टिकोणझारखंड में वर्तमान विधायकों के प्रति असंतोष: जनाक्रोश और परिवर्तन की चाहत
सम्पादकीय : पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश’। झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है, और इस बार चुनावी मैदान में जो सबसे बड़ी बात…
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